फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court: Expressed displeasure over air pollution due to fireworks, said- we cannot let people to die

वायु प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट ने जताई भारी नाराजगी, कहा- हम लोगों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते

Wed, 29 Sep 2021 05:53 PM IST
Amit Mandal राजीव सिन्हा, नई दिल्ली। 
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली।  Published by: Amit Mandal Updated Wed, 29 Sep 2021 05:53 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने आतिशबाजी से होने वाली दिक्कतों को लेकर चिंता जताते हुए सख्त निर्देश दिए। खास तौर पर अस्थमा के मरीजों और बच्चों को लेकर चिंता जताई। 

विज्ञापन
Supreme Court: Expressed displeasure over air pollution due to fireworks, said- we cannot let people to die
Supreme Court - फोटो : ANI

विस्तार

देश में बढ़ते वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वायु प्रदूषण की परेशानी अस्थमा के मरीज ही समझ सकते हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि हम लोगों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते।

विज्ञापन


जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि देश में हर दिन जश्न मनाए जाते हैं। जश्न मनाना अच्छी बात है, जरूर मनाना चाहिए लेकिन जश्न में आतिशबाजी की जाती है। यह परेशानी पैदा करने वाली बात है। पीठ ने कहा कि हम लोगों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते। अस्थमा के मरीजों से पूछो, क्या परेशानी होती है। बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं। लोग अलग-अलग बीमारियों से जूझ रहे हैं। पीठ ने कहा जश्न तो ठीक है, हमें अन्य मुद्दों पर भी विचार करने की जरूरत है।
विज्ञापन


शीर्ष अदालत ने ये मौखिक टिप्पणियां पटाखा निर्माताओं के खिलाफ अवमानना याचिका और वायु प्रदूषण से संबंधित मामलों पर सुनवाई के दौरान की। 

करीब आधा दर्जन पटाखा निर्माताओं को अवमानना नोटिस
अदालती आदेश के कथित उल्लंघन पर सुप्रीम कोर्ट ने करीब आधा दर्जन पटाखा निर्माताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही की जानी चाहिए?
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई, चेन्नई के संयुक्त निदेशक की रिपोर्ट पर गौर करने पर पाया कि करीब एक दर्जन पटाखा निर्माताओं ने प्रतिबंधित बेरियम और बेरियम साल्ट का इस्तेमाल किया है। कोर्ट ने कहा कि यह हमारे आदेशों का उल्लंघन है। वास्तव में सुप्रीम कोर्ट के तीन मार्च 2020 के आदेश के तहत सीबीआई को पटाखा निर्माताओं द्वारा इस्तेमाल के जाने वाले पदार्थों की जांच करने के लिए कहा था।

पीठ ने सीबीआई की जांच रिपोर्ट पर गौर करते हुए कहा कि रिपोर्ट में जो बातें सामने आईं है, वो बेहद गभीर हैं। प्राथमिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पटाखा निर्माताओं से लिए गए सैंपल की केमिकल एनालिसिस में पाया गया कि पटाखों में प्रतिबंधित बेरियम और बेरियम साल्ट का इस्तेमाल किया गया है। 


रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बेरियम पर प्रतिबंध लगाने के बाद जमकर इनकी खरीदारी की गई। इसके अलावा पीठ ने यह भी पाया कि पटाखों में किसी अन्य चीजों का इस्तेमाल किया गया जबकि बाहरी लेवल पर कुछ और लिखा था।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की रिपोर्ट की प्रति अवमानना नोटिस पाने वाले पटाखा निर्माताओं को देने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई छह अक्टूबर को होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed