{"_id":"5ed8f6e89f780525c72d837a","slug":"supreme-court-dismisses-review-petition-of-cbi-challenging-p-chidambaram-bail-in-inx-media-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की चिदंबरम की जमानत पर सीबीआई की पुनर्विचार याचिका","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की चिदंबरम की जमानत पर सीबीआई की पुनर्विचार याचिका
Thu, 04 Jun 2020 07:10 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 04 Jun 2020 07:10 PM IST
विज्ञापन
पी चिदंबरम (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सीबीआई की उस याचिका को खारिज कर दिया गया है जिसमें आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की जमानत पर पुनर्विचार करने की अपील की गई थी। बता दें कि आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले साल अगस्त में गिरफ्तार किया था। दिसंबर में उन्हें जमानत मिली थी।
विज्ञापन
Supreme Court dismisses CBI's review petition challenging former Union Minister P. Chidambaram's bail in INX Media case pic.twitter.com/6vJYhF0Jvb
— ANI (@ANI) June 4, 2020विज्ञापन
इससे पहले इसी मामले में ईडी ने बीते मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम और उनके बटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। इस केस में चिदंबरम को तिहाड़ जेल भी भेजा गया। कई बार उनकी जमानत अर्जी खारिज हुई। आखिर में उन्हें चार दिसंबर को जमानत मिली। वह कुल 106 दिन तक तिहाड़ जेल में रहे।
विज्ञापन
क्या है आईएनएक्स मीडिया मामला
इस मामले में चिदंबरम पर आरोप है कि साल 2007 में वित्त मंत्री रहते हुए उनके बेटे ने उनके जरिये नियमों को न मानते हुए आईएनएक्स मीडिया में विदेशी निवेश को अनुमति दिलवाई थी। सीबीआई का आरोप है कि इसमें चिदंबरम और कुछ अन्य लोगों ने रिश्वत भी ली थी। हालांकि, चिदंबरम इन आरोपों को खारिज करते आए हैं।साल 2007 में वित्त मंत्री चिदंबरम के कार्यकाल में आईएनएक्स मीडिया को विदेश से 305 करोड़ रुपये स्वीकार करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की ओर से दी गई मंजूरी में कथित अनियमितताओं का आरोप है। कार्ति पर आरोप ये है कि पिता के वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने इसका फायदा उठाकर कई कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया।