फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court dismisses mercy plea for life sentence killer

उम्रकैद की सजा पाए हत्यारे को मिले क्षमादान को सुप्रीम कोर्ट ने किया निरस्त     

Tue, 04 Dec 2018 03:14 AM IST
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली। 
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली।  Updated Tue, 04 Dec 2018 03:14 AM IST
विज्ञापन
Supreme Court dismisses mercy plea for life sentence killer
- फोटो : PTI

हत्या मामले में उम्रकैद की सजा पाए कैदी को महज सात वर्ष की कैद के बाद ही राज्यपाल द्वारा दिए गए क्षमादान को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल द्वारा लिया गया कोई भी ऐसा फैसला जो अदालत की अंतरात्मा को झकझोर देता हो, वह न्यायिक परीक्षण के दायरे से बाहर नहीं हो सकता है। 

विज्ञापन


जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने सोमवार को पिछले साल सितंबर में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल द्वारा संविधान के अनुच्छेद-161 के अधिकार का प्रयोग पर हत्या मामले में दोषी ठहराए गए मार्कंडेय उर्फ अशोक शशि को दिए गए क्षमादान को निरस्त कर दिया। 
विज्ञापन


पीठ ने राज्यपाल के क्षमादान के निर्णय को अदालत की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला बताया। साथ ही पीठ ने कहा कि राज्यपाल द्वारा इस तरह का लिया गया कोई भी निर्णय न्यायिक परीक्षण के दायरे से बाहर नहीं हो सकता। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पीठ ने पाया कि राज्यपाल द्वारा दोषी को दिए गए क्षमादान का कोई पुख्ता आधार नहीं है। वास्तव में पीठ ने इस बात पर बेहद आश्चर्य व्यक्त किया कि आखिर हत्या के दोषी को सात वर्ष की कैद के बाद कैसे क्षमादान दिया जा सकता है जिसने जमानत के दौरान भी चार आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया हो। 


पीठ ने दोषी के वकील की उस दलील को भी खारिज कर दिया कि उनका मुवक्किल 60 फीसदी विकलांग है, इसलिए उसे रियायत मिलनी चाहिए। पीठ ने कहा कि वह रियायत पाने का हकदार नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed