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SC: मानहानि मामले में BJP सांसद मनोज तिवारी की याचिका खारिज, सिसोदिया की शिकायत के बाद जारी हुआ था समन
Mon, 17 Oct 2022 11:47 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Mon, 17 Oct 2022 11:47 AM IST
सार
सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली उच्च न्यायालय के समन आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी। वहीं इसी तरह के मामले में कोर्ट ने विधायक विजेंद्र गुप्ता की याचिका को स्वीकार कर लिया है।
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मनोज तिवारी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भाजपा सांसद मनोज तिवारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा दायर मानहानि मामले में शीर्ष अदालत ने भाजपा सांसद की याचिका को खारिज कर दिया है। दरअसल, इस मामले में तिवारी ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा जारी समन आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया था।
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हालांकि, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता की याचिका को स्वीकार कर लिया है। पीठ ने कहा, "हमने मनोज तिवारी की अपील को खारिज कर दिया है और विजेंद्र गुप्ता की अपील को इस आधार पर स्वीकार कर लिया है कि विधि आयोग की रिपोर्ट का ठीक से पता नहीं चल पाया है।
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भ्रष्टाचार के आरोप पर दायर किया था मानहानि का मुकदमा
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा नेताओं के खिलाफ कथित रूप से भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। सिसोदिया ने भाजपा नेताओं सांसद मनोज तिवारी, हंस राज हंस, प्रवेश वर्मा, विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा, विजेंद्र गुप्ता, हरीश खुराना के खिलाफ दिल्ली सरकार के स्कूल कक्षाओं के संबंध में उनके खिलाफ कथित रूप से भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के लिए शिकायत दर्ज की थी। .इस मामले ने निचली अदालत ने 28 नवंबर, 2019 को समन जारी किया था, जिस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।