{"_id":"5e52462b8ebc3ef3ff549301","slug":"supreme-court-dismisses-adani-gas-petition-against-gas-distribution-from-pipes","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट ने पाइप से गैस वितरण के खिलाफ अडानी गैस की याचिका खारिज की","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट ने पाइप से गैस वितरण के खिलाफ अडानी गैस की याचिका खारिज की
Sun, 23 Feb 2020 03:00 PM IST
Priyesh Mishra
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 23 Feb 2020 03:00 PM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) द्वारा तमिलनाडु के चेन्नई और तिरुवल्लूर जिलों में पाइप से गैस वितरण नेटवर्क का आवंटन गुजरात की एक कंपनी को किए जाने के फैसले को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने अडानी गैस लिमिटेड और अन्य की याचिका को खारिज कर दिया और पीएनजीआरबी की कार्रवाई को उचित ठहराया।
विज्ञापन
पीठ ने कहा कि ऊंची बोले लगाने वालों को आवंटन के लिए बुलाना गलत नहीं है। बोर्ड ने 2018 में पुडुचेरी में पाइप से गैस वितरण नेटवर्क एजी एंड पी एलएनजी को , चेन्नई और तिरुवल्लुर जिलों में टोरेंट गैस प्राइवेट लिमिटेड को और कांचीपुरम जिले में एसकेएन हरियाणा को आवंटित किया।
विज्ञापन
शीर्ष अदालत ने कहा कि इस दलील का कोई महत्व नहीं है कि ऊंची बोली लगाने वालों को आवंटन के लिए बुला कर नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन किया गया है। पीठ ने कहा कि वर्तमान स्थिति में, जब बोर्ड ने ऊंची बोली लगाने वालों को उनकी बोली का औचित्य समझाने के क्रम में बुलाए जाने का फैसला किया, तब बोर्ड के प्रशासनिक फैसले को यह कह कर खारिज नहीं किया जा सकता कि यह नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
विज्ञापन