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सुप्रीम कोर्ट: सरकारी नौकरियों में एससी-एसटी को पदोन्नति में आरक्षण के मामले में हुई सुनवाई, केंद्र को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश
Thu, 24 Feb 2022 07:20 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 24 Feb 2022 07:20 PM IST
सार
जस्टिस एल नागेश्वर राव और बीआर गवई की पीठ ने ने कहा कि वह 30 मार्च को दिल्ली और पंजाब-हरियाणा के हाई कोर्ट के फैसलों के बाद आए मामलों पर सुनवाई करेगी।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार को सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को आरक्षण उपलब्ध कराने संबंधी आंकड़ों पर उसके पास मौजूद समसामयिक डाटा और आंकड़ों के आधार पर की गई दिमागी कसरत पर एक हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है।
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जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने कहा कि वह 30 मार्च को दिल्ली और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्णयों से उत्पन्न मामलों की सुनवाई करेगी।
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पीठ ने कहा कि इस बीच केंद्र को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है जिसमें समसामयिक कैडर वार डाटा के बारे में विवरण हो। पदोन्नति में आरक्षण प्रदान करने के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के प्रतिनिधित्व की अपर्याप्तता को निर्धारित करने के लिए डाटा पर विचार संबंधी विवरण देने के लिए कहा गया है।
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शीर्ष अदालत ने 28 जनवरी को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए कोई भी मानदंड निर्धारित करने से इनकार करते हुए कहा था कि उनके अपर्याप्त प्रतिनिधित्व का निर्धारण राज्य के विवेक का मामला है। शीर्ष अदालत ने कहा था कि न्यायालयों के लिए यह न तो कानूनी है और न ही उचित है कि वे कार्यपालिका को उस क्षेत्र के संबंध में निर्देश या परामर्श जारी करें जो संविधान के तहत विशेष रूप से उनके क्षेत्र में है।
Supreme Court directs Centre to file affidavit on contemporaneous data for providing reservations in promotions