फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court directs Centre and Manipur to ensure distribution of basic supplies in blockade-hit areas

Supreme Court: 'मणिपुर में जरूरत पड़े तो हेलिकॉप्टर से करें जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति'; कोर्ट ने दिए निर्देश

Fri, 01 Sep 2023 10:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Fri, 01 Sep 2023 10:17 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सरकार को लोगों के लिए भोजन और दवाएं उपलब्ध कराने के इंतजाम करे। साथ ही राशन पहुंचाने में बाधा बनी नाकाबंदी से निपटने के लिए भी जरूरी कदम उठाने को कहा है। 
 

विज्ञापन
Supreme Court directs Centre and Manipur to ensure distribution of basic supplies in blockade-hit areas
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

मणिपुर लंबे जातीय संघर्ष से जूझ रहा है, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और राज्य सरकार से लोगों के लिए भोजन, दवाएं उपलब्ध कराने के इंतजाम करने को कहा है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि राज्य के कुछ क्षेत्रों में आर्थिक नाकेबंदी का सामना कर रहे लोगों को भोजन और दवाओं जैसी बुनियादी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। 

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने राज्य सरकार से इससे निपटने के लिए सभी विकल्प तलाशने का भी निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि जरूरत पड़ने पर  हेलिकॉप्टर से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जाए। इससे पहले, मामले के मानवीय पहलुओं से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित न्यायाधीशों की समिति की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने पीठ को दो मुद्दों की जानकारी दी थी।
विज्ञापन


समिति की तरफ से बताया गया कि मणिपुर के मोरेह क्षेत्र में नाकाबंदी के कारण लोग खाने-पीने की सामान्य चीजों से वंचित हैं। दूसरा, कुछ राहत शिविरों में खसरा और चिकनपॉक्स का प्रकोप है। शुरुआत में सीजेआई ने अरोड़ा से पूछा कि समिति सीधे सरकार तक पहुंचने की बजाय अदालत के सामने क्यों पेश हो रही है। इसके बाद सीजेआई ने सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता को समिति में नियुक्त नोडल अधिकारियों का औपचारिक नोटिस भेजने का निर्देश दिया ताकि समिति सीधे सरकार तक पहुंच सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर प्रतिवादियों की ओर से उपस्थित वरिष्ठ वकील जयदीप गुप्ता ने हस्तक्षेप किया और कहा कि जब नाकेबंदी की बात आई तो समिति कुछ नहीं कर सकी। एसजी ने इसमें यह भी कहा कि यह समिति के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा, मोरेह क्षेत्र में भोजन नहीं है। समस्या नाकाबंदी है। समिति सशस्त्र बलों को नाकाबंदी हटाने का निर्देश नहीं दे सकती, अन्यथा हम खाद्य आपूर्ति प्रदान कर सकते हैं।


जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करे सरकार
सीजेआई ने कहा कि नाकाबंदी एक जटिल और संवेदनशील मुद्दा है जिस पर सावधानीपूर्वक के साथ विचार करने की जरूरत है क्योंकि ये नाकाबंदी अक्सर स्थानीय लोगों या समूहों की तरफ से की जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार को जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करने के बाद स्थिति से निपटने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। एक अन्य वकील ने अदालत से इस बात पर ध्यान देने का आग्रह किया कि इस तरह की नाकाबंदी न केवल मोरेह बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (जो दीमापुर से इंफाल तक चलती है) सहित अन्य क्षेत्रों को भी प्रभावित कर रही है। इसके बाद ही पीठ ने केंद्र और मणिपुर सरकार को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed