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सुप्रीम कोर्ट ने आगरा के छात्र को बीटेक में नियमित दाखिला देने का निर्देश दिया
Thu, 07 Jan 2021 03:12 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 07 Jan 2021 03:12 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी बॉम्बे को गलत लिंक पर क्लिक करने के कारण बीटेक में दाखिला से महरूम हुए 18 वर्षीय एक छात्र को नियमित दाखिला देने के लिए कहा है।
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जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने आगरा के इस छात्र सिद्धांत बत्रा को राहत देते हुए आईआईटी बॉम्बे से छात्र को नियमित दाखिला देने का आदेश दिया है। यह कहते हुए कोर्ट ने सिद्धांत की याचिका का निपटारा कर दिया। इससे पहले गत दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धांत को अंतरिम से दाखिला देने के लिए कहा था।
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वास्तव में दाखिले की ऑनलाइन प्रक्रिया के क्रम में सिद्धांत ने अनजाने में गलत लिंक पर क्लिक कर दिया था। उस गलत लिंक पर क्लिक किए जाने का मतलब था कि छात्र दाखिले की प्रक्रिया से अलग होना चाहता है।
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सिद्धांत ने पहले बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से उसे राहत नहीं मिल पाई थी, जिसके बाद उसने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अपनी याचिका में सिद्धांत ने गुहार लगाई थी कि आईआईटी बॉम्बे को उसका दाखिला लेने का निर्देश दिया जाए। जेईई एडवांस परीक्षा में 270 वीं रैंक हासिल करने वाले सिद्धांत ने मानवीय आधार पर दाखिला देने की गुहार लगाई थी।
अपनी याचिका में उसने कहा था कि आईंआईटी बॉम्बे को एक अतिरिक्त सीट का इंतजाम करने का निर्देश दिया जाना चाहिए। उसने यह कहा था कि मां-बाप की मृत्यु के बाद वह अपने नाना-नानी के पास रहता है और उसने बहुत कठिन हालात में उसने इस परीक्षा में सफलता हासिल की है।
अपनी याचिका में उसने कहा था कि जब वह बच्चा था, तब उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। उसके बाद मां ने उसका पालन पोषण किया। वर्ष 2018 में मां भी गुजर गई। उसके बाद नाना नानी उसकी देखभाल कर रहे हैं।
इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने उसकी याचिका पर गौर करने के बाद आईआईटी को सिद्धांत के प्रतिवेदन पर विचार कर उचित आदेश पारित करने के लिए कहा था। आईंआईंटी बॉम्बे का कहना था कि उसकी सीटें भर चुकी हैं और वह नियम से बंधा हुआ है। आईटी का यह भी कहना था कि यह प्रक्त्रिस्या दो स्टेप की थी, ऐसे में यह कहना कि अनजाने में वह लिंक क्लिक हो गया या, सही नहीं लगता।