फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme court decision on Uphaar tragedy

उपहार कांडः 59 मौत, 20 साल और फिर 1 साल की सजा

Thu, 09 Feb 2017 01:07 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 09 Feb 2017 01:07 PM IST
विज्ञापन
Supreme court decision on Uphaar tragedy

साल 1997 में हुए दिल्‍ली के उपहार कांड के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सिनेमा मालिक गोपाल अंसल को एक साल की सजा बरकरार रखी है, वहीं गोपाल के भाई सुशील अंसल को राहत भी बरकरार रखी है। मामले में गोपाल अंसल को चार हफ्ते के अंदर सरेंडर करने के लिए कहा गया है।

विज्ञापन


बता दें कि 1997 के उपहार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए सिनेमा मालिकों गोपाल अंसल को एक साल की सजा के साथ दोनों भाइयों पर 30-30 करोड़ का जुर्माना लगाया था। 
विज्ञापन


उम्र को देखते हुए सुशील अंसल को जेल से राहत दे दी गई थी, हालांकि गोपाल अंसल चार महीने और सुशील पांच महीने जेल की सजा काट चुके हैं। उस समय कोर्ट ने सजा सुनाते हुए कहा था कि जुर्माना ना देने की सूरत में दोनों को दो साल की सजा काटनी पड़ेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले में तीन जजों की पीठ में जज कुरियन जोसेफ और रंजन गोगोई ने बहुमत से यह फैसला लिया जबकि तीसरे जज आदर्श गोयल की राय इससे जुदा ‌थी। 

बता दें कि बीस साल पुराने इस मामले में बीते 14 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिस पर आज निर्णय सुनाया गया। 

पीड़ितों ने कोर्ट के निर्णय को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

Supreme court decision on Uphaar tragedy

वहीं उपहार पीड़ितों ने कोर्ट के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पीड़ितों की संस्‍था एसोसिएशन ऑफ विक्टिम ऑफ उपहार ट्रेजडी का कहना है कि कोर्ट के इस निर्णय ने उनका विश्वास न्यायपालिका से उठाने का काम किया है।

पीड़ित नीलम कृष्‍णमूर्ति ने कोर्ट के निर्णय को घोर दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कोर्ट की शरण में आना उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती रही। उनका विश्वास न्यायपालिका से उठ गया है। नीलम के अनुसार कोर्ट के निर्णय से एक बार फिर साफ हो गया कि अमीर और ताकतवर लोग विशेष शक्ति का उपयोग अपने मजे के लिए कर सकते हैं। 

बता दें कि 1997 में हुए उपहार कांड में 59 लोगों की मौत हो गई थी। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साल 2015 में उपहार सिनेमा के एक मालिक गोपाल अंसल को सजा सुनाते हुए 30 करोड़ जुर्माना भी लगाया गया था। इतना ही जुर्माना दूसरे भाई सुशील अंसल पर भी लगा था लेकिन उन्हें सजा नहीं सुनाई गई थी। इसी मामले में पीड़ितों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ पुर्नविचार याचिका दायर की थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्णय सुनाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed