{"_id":"5cb4a736bdec222dcd5a9db5","slug":"supreme-court-decides-to-check-power-of-election-commission-of-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुस्ताख नेताओं पर चुनाव आयोग ने शक्तियों का रोना रोया, सुप्रीम कोर्ट जांचेगा आयोग की शक्तियां","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
गुस्ताख नेताओं पर चुनाव आयोग ने शक्तियों का रोना रोया, सुप्रीम कोर्ट जांचेगा आयोग की शक्तियां
Mon, 15 Apr 2019 09:18 PM IST
अमर शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 15 Apr 2019 09:18 PM IST
विज्ञापन
चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग से पूछा कि उसने आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले नेताओं के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की है। आयोग ने कहा कि वह शक्तिहीन है और इसलिए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करने के अलावा कुछ नहीं कर सकता।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के आयोग के अधिकारों का परीक्षण करने का निर्णय लिया है। पीठ ने मंगलवार को आयोग के एक अधिकारी को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।
एनआरआई हरप्रीत मनसुखानी की याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने चुनाव आयोग की ओर से पेश वकील अमित शर्मा से जानना चाहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा सुप्रीमो मायावती पर धर्म व जाति के आधार पर वोट मांगने या भड़काऊ भाषण के कथित आरोप पर क्या कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
पीठ ने कहा, ‘यह इस तरह की चीज है, जिस पर आपको तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। आपका रवैया टालमटोल का नहीं होना चाहिए।’
विज्ञापन
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के आयोग के अधिकारों का परीक्षण करने का निर्णय लिया है। पीठ ने मंगलवार को आयोग के एक अधिकारी को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
एनआरआई हरप्रीत मनसुखानी की याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने चुनाव आयोग की ओर से पेश वकील अमित शर्मा से जानना चाहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा सुप्रीमो मायावती पर धर्म व जाति के आधार पर वोट मांगने या भड़काऊ भाषण के कथित आरोप पर क्या कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
पीठ ने कहा, ‘यह इस तरह की चीज है, जिस पर आपको तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। आपका रवैया टालमटोल का नहीं होना चाहिए।’