किसानों के साथ कल बैठक करेगी समिति, घनवट बोले- कानूनों पर होगी निष्पक्ष चर्चा
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तीनों कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की बनाई समिति की मंगलवार को पहली बैठक हुई, जिसमें यह तय किया गया है कि समिति किसानों के साथ 21 जनवरी को पहली बैठक करेगी, जो सुबह 11 बजे शुरू होगी। जो किसान बैठक में नहीं आ सकते हैं उनकी राय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ली जाएगी।
समिति के सदस्य अनिल घनवट ने यह जानकारी देते हुए कहा, इन कानूनों पर निष्पक्ष चर्चा होगी। समिति के सदस्य रिपोर्ट तैयार करने के दौरान कृषि कानूनों पर अपनी निजी राय को अलग रखेंगे।
महाराष्ट्र के शेतकरी संगठन के अध्यक्ष अनिल घनवट ने कहा, हमें सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि हमें कानूनों के समर्थन और विरोध कर रहे सभी किसान संगठनों को सुनना है और रिपोर्ट तैयार करके सुप्रीम कोर्ट को भेजनी है। हम सरकार या किसी के भी पक्ष में नहीं हैं।
उन्होंने कहा, समिति की सबसे बड़ी चुनौती प्रदर्शनकारी किसानों को हमसे बातचीत के लिए तैयार करने की होगी। इसका हम यथासंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, समिति केंद्र और राज्य सरकारों के अलावा किसानों और सभी अन्य संबंधित पक्षों की राय जानना चाहती है।
उन्होंने कहा, समिति के समक्ष आने को अनिच्छुक उन प्रदर्शनकारी किसानों से हम कहना चाहते हैं कि न तो हम किसी के पक्ष में है और न ही सरकार की ओर से हैं। हम सभी सुप्रीम कोर्ट की ओर से हैं।
सुप्रीम कोर्ट ही तय करेगा कि किसे नियुक्त करना है
विवाद के बाद अलग हुए भूपिंदर सिंह मान के स्थान पर किसी अन्य को समिति में शामिल करने के सवाल पर घनवट ने कहा, इसका गठन सुप्रीम कोर्ट ने किया है और वही तय करेगा कि किसे नियुक्त करना है। घनवट ने कहा, हमें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका ठीक से निर्वहन कर रहे हैं।
सरकार समर्थक होने के आरोपों पर कहा, पहले वार्ता के लिए तो आइए
प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों और विपक्षी पार्टियों द्वारा सदस्यों के सरकार समर्थक होने के आरोपों पर घनवट ने कहा, आप हमारे पास बातचीत के लिए आइए। हम आपकी सुनेंगे और आपकी राय को अदालत के समक्ष रखेंगे। हम सभी से बातचीत करने का अनुरोध करते हैं।
नए कृषि कानूनों पर गठित सुप्रीम कोर्ट की कमेटी आंदोलनरत किसान संगठनों से उनकी राय जानने के लिए खुद उनके पास पहुंचेगी। कमेटी जल्द ही किसान संगठनों से मिलने का समय मांगेगी।
सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट देने से पहले समिति सभी पक्षों की राय लेगी। मंगलवार को हुई तीन सदस्यीय कमेटी की पहली बैठक के बाद 21 जनवरी से किसान संगठनों से राय लेने का सिलसिला शुरू होगा।
पहली बैठक में तैयार हुई रूपरेखा
घनवट ने बताया कि बैठक में भावी कार्ययोजना तैयार की गई। हम कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों और कानून के समर्थकों और विरोधियों की राय जानेंगे। कमेटी राज्य विपणन बोर्ड, किसान उत्पादक संगठन और अंत में समय मिलने पर राज्य सरकारों से बात करेगी। हम एक पोर्टल तैयार कर मामले से जुड़े लोगों की ऑनलाइन राय भी लेंगे। समय की कमी के कारण कमेटी वर्चुअल रूप से भी पक्षों की राय लेगी।
कई राज्यों का दौरा करने की योजना
बैठक में कमेटी के पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, मध्यप्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों का दौरा करने पर सहमति बनी। कमेटी किसानों की मौजूदा स्थिति और उसका कारण बताने के साथ, समस्याओं को दूर करने के लिए अपनी ओर से सिफारिश करेगी।