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Supreme Court: 'ये कोई कॉफी शॉप नहीं है', सुनवाई के दौरान वकील पर भड़के मुख्य न्यायाधीश, जानिए क्या है मामला
Mon, 30 Sep 2024 01:20 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 30 Sep 2024 01:20 PM IST
सार
वकील ने साल 2018 की याचिका पेश की थी, जिसमें वकील ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई को प्रतिवादी बनाया हुआ था। याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने हैरानी जताते हुए पूछा कि 'यह अनुच्छेद 32 की याचिका है?
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मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़
- फोटो : वीडियो ग्रैब इमेज
विस्तार
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने एक वकील को फटकार लगा दी। दरअसल सीजेआई वकील की भाषा से इस कद नाराज हुए कि उन्होंने वकील को लगभग फटकार लगाते हुए कहा कि यह कोई कॉफी शॉप नहीं सुप्रीम कोर्ट है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वकील ने सुनवाई के दौरान हां (Yeah) शब्द का इस्तेमाल किया। जिस पर मुख्य न्यायाधीश नाराज हो गए।
क्या है पूरा मामला
वकील ने साल 2018 की याचिका पेश की थी, जिसमें वकील ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई को प्रतिवादी बनाया हुआ था। याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने हैरानी जताते हुए पूछा कि 'यह अनुच्छेद 32 की याचिका है? आप एक न्यायाधीश को प्रतिवादी बनाते हुए याचिका कैसे दायर कर सकते हैं।' गौरतलब है कि अनुच्छेद 32 देश के नागरिकों को अधिकार देता है कि जब उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन होने पर उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस पर वकील ने कहा कि 'हां, हां इसमें तब के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को प्रतिवादी बनाया गया है। मुझे सुधारात्मक याचिका दायर करने को कहा गया था।'
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मुख्य न्यायाधीश ने वकील को लगाई फटकार
वकील के इतना कहते ही मुख्य न्यायाधीश नाराज हो गए और वकील को टोकते हुए कहा कि 'यह कोई कॉपी शॉप नहीं है, ये क्या है हां, हां...। मुझे इस शब्द से नफरत है। कोर्ट में इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।' सीजेआई ने कहा कि 'जस्टिस गोगोई इस अदालत के पूर्व जज हैं और आप इस तरह से किसी जज के खिलाफ याचिका दायर कर ये मांग नहीं कर सकते कि इसकी आंतरिक जांच की जाए क्योंकि इससे पहली बेंच ने आपकी याचिका को स्वीकार नहीं की थी।' इसके बाद मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग याचिका को सूचीबद्ध करने पर फैसला लेगा। साथ ही उन्होंने याचिकाकर्ता से याचिका में जस्टिस गोगोई नाम को हटाने का निर्देश दिया क्योंकि जस्टिस गोगोई अब राज्यसभा के सदस्य हैं।
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क्या है पूरा मामला
वकील ने साल 2018 की याचिका पेश की थी, जिसमें वकील ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई को प्रतिवादी बनाया हुआ था। याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने हैरानी जताते हुए पूछा कि 'यह अनुच्छेद 32 की याचिका है? आप एक न्यायाधीश को प्रतिवादी बनाते हुए याचिका कैसे दायर कर सकते हैं।' गौरतलब है कि अनुच्छेद 32 देश के नागरिकों को अधिकार देता है कि जब उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन होने पर उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस पर वकील ने कहा कि 'हां, हां इसमें तब के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को प्रतिवादी बनाया गया है। मुझे सुधारात्मक याचिका दायर करने को कहा गया था।'
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मुख्य न्यायाधीश ने वकील को लगाई फटकार
वकील के इतना कहते ही मुख्य न्यायाधीश नाराज हो गए और वकील को टोकते हुए कहा कि 'यह कोई कॉपी शॉप नहीं है, ये क्या है हां, हां...। मुझे इस शब्द से नफरत है। कोर्ट में इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।' सीजेआई ने कहा कि 'जस्टिस गोगोई इस अदालत के पूर्व जज हैं और आप इस तरह से किसी जज के खिलाफ याचिका दायर कर ये मांग नहीं कर सकते कि इसकी आंतरिक जांच की जाए क्योंकि इससे पहली बेंच ने आपकी याचिका को स्वीकार नहीं की थी।' इसके बाद मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग याचिका को सूचीबद्ध करने पर फैसला लेगा। साथ ही उन्होंने याचिकाकर्ता से याचिका में जस्टिस गोगोई नाम को हटाने का निर्देश दिया क्योंकि जस्टिस गोगोई अब राज्यसभा के सदस्य हैं।