{"_id":"69314858ecad4924ab0ed445","slug":"supreme-court-blos-state-government-directions-booth-level-officers-additional-staff-deployment-news-updates-2025-12-04","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"SC: 'बीएलओ के काम के घंटे घटाने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात करें', सुप्रीम कोर्ट का राज्य सरकारों को निर्देश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SC: 'बीएलओ के काम के घंटे घटाने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात करें', सुप्रीम कोर्ट का राज्य सरकारों को निर्देश
Thu, 04 Dec 2025 02:07 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 04 Dec 2025 02:07 PM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर)
- फोटो : ANI
12 राज्यों में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया से बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) पर जबरदस्त दबाव पड़ा है। इन स्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अब राज्य सरकारों के लिए निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा है कि बीएलओ के काम के घंटे कम करने के लिए राज्य सरकारें अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती करे।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह भी आदेश दिया कि जिन लोगों ने चुनाव आयोग की ओर से जारी एसआईआर प्रक्रिया में ड्यूटी से छूट के लिए सही और स्पष्ट वजहें दी हों, उनके अनुरोधों पर राज्य सरकार और सक्षम प्राधिकारी विचार करें और मामलों के आधार पर उन लोगों की जगह दूसरे कर्मियों की तैनाती की जाए।
विज्ञापन
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह भी आदेश दिया कि जिन लोगों ने चुनाव आयोग की ओर से जारी एसआईआर प्रक्रिया में ड्यूटी से छूट के लिए सही और स्पष्ट वजहें दी हों, उनके अनुरोधों पर राज्य सरकार और सक्षम प्राधिकारी विचार करें और मामलों के आधार पर उन लोगों की जगह दूसरे कर्मियों की तैनाती की जाए।
विज्ञापन
Trending Videos
सीजेआई ने कहा, "राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि अगर जरूरत है तो वह इस काम के लिए जरूरी कार्यबल मुहैया कराए।"
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी- तमिलगा वेत्री कझगम की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। पार्टी ने बीएलओ के तौर पर अपनी ड्यूटी ठीक ढंग से न निभा पाने वाले लोगों के खिलाफ चुनाव आयोग की ओर से की जा रही कार्रवाई को चुनौती दी थी। पार्टी का कहना था कि ईसी काम के बोझ तले दबे बीएलओ के खिलाफ काम न कर पाने की स्थिति में जन प्रतिनिधि कानून की धारा 32 के तहत आपराधिक कार्रवाई कर रही है। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब निर्देश जारी किए हैं।
अन्य वीडियो
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी- तमिलगा वेत्री कझगम की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। पार्टी ने बीएलओ के तौर पर अपनी ड्यूटी ठीक ढंग से न निभा पाने वाले लोगों के खिलाफ चुनाव आयोग की ओर से की जा रही कार्रवाई को चुनौती दी थी। पार्टी का कहना था कि ईसी काम के बोझ तले दबे बीएलओ के खिलाफ काम न कर पाने की स्थिति में जन प्रतिनिधि कानून की धारा 32 के तहत आपराधिक कार्रवाई कर रही है। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब निर्देश जारी किए हैं।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
बेंच ने टीवीके की तरफ से पेश वकील गोपाल शंकरनारायणन की इस बात पर सहमति जताई कि बीएलओ, जो कि अधिकतर शिक्षक या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, का चुनाव आयोग के काम के अतिरिक्त दबाव के चलते निधन हुआ है, ऐसे में सरकार को कुछ निर्देश जारी किए जाने जरूरी हैं। वकील शंकरनारायणन ने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारी ड्यूटी पूरी न कर पाने के लिए बीएलओ पर एफआईआर तक दर्ज करा रहे हैं।
सर्वोच्च न्यायालय की तरफ से कहा गया कि चूंकि एसआईआर की प्रक्रिया जारी है, ऐसे में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है कि वे चुनाव आयोग के आदेश के तहत काम के लिए जरूरी कार्यबल मुहैया कराएं।