फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme court asks Shivraj singh Chouhan Congress MP Vivek Tankha to amicably settle defamation case

SC: 'बातचीत से मामला सुलझाएं', मानहानि मामले में शिवराज चौहान और विवेक तन्खा को सुप्रीम कोर्ट की सलाह

Wed, 23 Apr 2025 02:40 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 23 Apr 2025 02:40 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में साल 2021 के पंचायत चुनावों में शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने उनके खिलाफ 'संगठित, दुर्भावनापूर्ण, झूठा और मानहानिकारक' अभियान चलाया।
 

विज्ञापन
Supreme court asks Shivraj singh Chouhan Congress MP Vivek Tankha to amicably settle defamation case
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा से कहा कि वे मानहानि मामले को आपसी बातचीत से निपटा लें। कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश में साल 2021 के पंचायत चुनावों में शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने उनके खिलाफ 'संगठित, दुर्भावनापूर्ण, झूठा और मानहानिकारक' अभियान चलाया।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट पीठ ने कहा- हम मामला बंद करना चाहते हैं
न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने चौहान और तन्खा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और कपिल सिब्बल से कहा, 'कृपया हमें यह मामला सुनने के लिए मजबूर न करें। हम इसे बंद करना चाहते हैं। आप दोनों साथ बैठकर इसे सुलझाएं।' पिछले साल मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मानहानि मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया था। उच्च न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ शिवराज सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। 
विज्ञापन


21 मई को होगी सुनवाई
बुधवार को सुनवाई के दौरान विवेक तन्खा के वकील कपिल सिब्बल ने कहा, 'अगर वह (चौहान) खेद व्यक्त करते हैं, तो मैं मानहानि के मामले को सुलझाने के लिए तैयार हूं।' इस पर सुप्रीम कोर्ट में शिवराज सिंह चौहान का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने जवाब दिया कि अगर कोई गलती ही नहीं हुई है तो मंत्री को खेद क्यों होना चाहिए? उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें सिब्बल के साथ बैठकर मामले पर चर्चा करने में कोई समस्या नहीं है। इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई 21 मई तक टाल दी। दरअसल विवेक तन्खा का आरोप है कि साल 2021 के पंचायत चुनाव में भाजपा नेताओं ने दावा किया कि विवेक तन्खा ने ओबीसी आरक्षण का विरोध किया। इसके खिलाफ तन्खा ने भाजपा नेताओं पर 10 करोड़ रुपये मानहानि का मामला दर्ज कराया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed