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दिल्ली में हेट स्पीच: पुलिस के हलफनामे से सुप्रीम कोर्ट असंतुष्ट, 'बेहतर एफिडेविट' दाखिल करने का दिया निर्देश

Fri, 22 Apr 2022 06:16 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 22 Apr 2022 06:16 PM IST
सार

दिल्ली के गोविंदपुरी में पिछले साल हुए हिंदू युवा वाहिनी के एक कार्यक्रम में कथित हेट स्पीच (नफरती भाषण) के मामले में पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा है कि किसी विशेष समुदाय के खिलाफ कोई आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल नहीं किया गया था। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नाराजगी व्यक्त किए जाने के बाद पुलिस ने नया हलफनामा दाखिल करने की बात कही है।

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Supreme Court asks police to file better affidavit expressing dissatisfaction in Hate speech at Delhi event case news in Hindi
दिल्ली पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम के दौरान हेट स्पीच के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पुलिस की ओर से दाखिल किए गए हलफनामे से असंतुष्टि व्यक्त की। इस हलफनामे में कहा गया है कि 19 दिसंबर को दिल्ली में हुए हिंदू युवा वाहिनी के कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हेट स्पीच की कोई घटना नहीं हुई थी। शीर्ष अदालत ने पुलिस को 'बेहतर हलफनामा' दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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दिल्ली पुलिस ने न्यायाधीश एएम खानविलकर और एएस ओका की पीठ के सामने स्वीकार किया कि उसे अपने हलफनामे पर फिर से विचार करने की जरूरत है और वह एक नया हलफनामा दाखिल करेगी। अपने हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि किसी विशेष समुदाय के खिलाफ कोई विशेष शब्द इस्तेमाल नहीं किया गया था।
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पढ़िए क्या कहता है दिल्ली पुलिस का वर्तमान हलफनामा
हलफनामे में यह भी कहा गया है कि दिल्ली के गोविंदपुरी में हुए हिंदू युवा वाहिनी के कार्यक्रम में सुदर्शन न्यूज टीवी के एडिटर सुरेश चव्हाणके का भाषण हेट स्पीच के बराबर नहीं था क्योंकि उनके भाषण का कोई भी शब्द किसी धर्म के खिलाफ वातावरण बनाने वाला नहीं था। इसमें कहा गया है, 'ऐसे किसी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था जिसका मतलब मुसलमानों के नरसंहार के आह्वान के तौर पर लिया जा सकता हो।'
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शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पीठ ने सवाल किया कि हलफनामा दाखिल करने वाले अधिकारी ने क्या इस काम में थोड़ा भी दिमाग लगाया है या केवल शुरुआती रिपोर्ट ही पेश कर दी है। इस पर दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कहा कि हमें हलफनामे को फिर से देखना होगा और हम नया हलफनामा पेश करेंगे। अदालत ने इसके लिए दिल्ली पुलिस को दो सप्ताह का समय दिया है।   

धर्म संसद में कथित हेट स्पीच की स्वतंत्र जांच कराने की मांग
सुप्रीम कोर्ट की पीठ पूर्व हाईकोर्ट न्यायाधीश व वरिष्ठ अधिवक्ता अंजना प्रकाश और पत्रकार कुर्बाल अली की ओर से दाखिल की गई एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में मांग की गई है कि हरिद्वार और दिल्ली में आयोजित की गई धर्म संसद के दौरान मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाते हुए दी गई कथित हेट स्पीच की स्वतंत्र जांच कराई जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख नौ मई तय की है।


वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने समुदाय के मूल्यों को बचाने के लिए मानक के तौर पर जान से मारने के आह्वान को न्यायोचित ठहराने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, 'वे कहते हैं कि हम मारने के लिए तैयार हैं। पुलिस कहती है कि यह समुदाय के मूल्यों को बचाने के लिए है। इस अदालत को संवैधानिक माध्यम से यह तय करना होगा कि ये मूल्य कौन से हैं।'

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