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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, क्या अब भी खदान से शवों को निकलवाना चाहते हैं परिवारवाले
Wed, 20 Mar 2019 03:19 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Wed, 20 Mar 2019 03:19 AM IST
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Clat 2018, Supreme Court
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सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय की खदान में फंसे श्रमिकों के परिवारवालों से यह जानने की कोशिश की है कि क्या वे शवों को बाहर निकलवाना चाहते हैं, जो शायद अब तक ‘सड़’ चुके होंगे। पिछले साल दिसंबर में 15 श्रमिक मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले की अवैध कोयले की खदान में फंस गए थे। अब तक खदान से केवल दो ही शव निकाले जा सके हैं।
शीर्ष अदालत ने मंगलवार को खदान से श्रमिकों को बाहर निकालने के तत्काल कदम उठाए जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस एसए बोबडे और एसके कौल की पीठ ने याचिकाकर्ता को यह निर्देश दिया कि वह श्रमिकों के परिवारवालों से यह जानने की कोशिश करे कि क्या वे शवों को खदान से बाहर निकलवाना चाहते हैं।
इसके साथ ही पीठ ने रुड़की के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजिस्ट के डॉ. सुधीर कुमार को भी निर्देश दिया कि वह साइट पर जाएं और पुनर्मूल्यांकन के बाद एक रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि क्या खदान से पानी निकालने के लिए वहां पंपिंग के पर्याप्त उपाय किए गए हैं या नहीं। पिछले महीने कोर्ट ने कहा था कि किर्लोस्कर कंपनी के उच्च क्षमता वाले पंप को एयरलिफ्ट कर तत्काल लगाकर खदान से पानी निकाला जाए।
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शीर्ष अदालत ने मंगलवार को खदान से श्रमिकों को बाहर निकालने के तत्काल कदम उठाए जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस एसए बोबडे और एसके कौल की पीठ ने याचिकाकर्ता को यह निर्देश दिया कि वह श्रमिकों के परिवारवालों से यह जानने की कोशिश करे कि क्या वे शवों को खदान से बाहर निकलवाना चाहते हैं।
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इसके साथ ही पीठ ने रुड़की के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजिस्ट के डॉ. सुधीर कुमार को भी निर्देश दिया कि वह साइट पर जाएं और पुनर्मूल्यांकन के बाद एक रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि क्या खदान से पानी निकालने के लिए वहां पंपिंग के पर्याप्त उपाय किए गए हैं या नहीं। पिछले महीने कोर्ट ने कहा था कि किर्लोस्कर कंपनी के उच्च क्षमता वाले पंप को एयरलिफ्ट कर तत्काल लगाकर खदान से पानी निकाला जाए।
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