फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court asks Centre and Meghalaya government to take help of expertsto rescue miners

मेघालय खदान में फंसे 15 मजदूर, सुप्रीम कोर्ट को अब भी है चमत्कार की उम्मीद

Fri, 11 Jan 2019 01:10 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 11 Jan 2019 01:10 PM IST
विज्ञापन
Supreme Court asks Centre and Meghalaya government to take help of expertsto rescue miners
मजदूरों को बचाती टीम - फोटो : self

पिछले साल 13 दिसंबर को मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स की अवैध खदान में 15 खनिक फंस गए थे। इस मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से कहा कि वह विशेषज्ञों की मदद ले और खनिकों के बचाव कार्य की कोशिशों को जारी रखे।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि जो लोग अवैध खदान चला रहे थे उनके खिलाफ और जिन अधिकारियों ने अवैध खदान को इजाजत दी उनपर कार्रवाई हुई? जस्टिस एके सीकरी के नेतृत्व वाली बेंच ने कहा, 'अपने बचाव कार्य को जारी रखें। क्या होगा अगर उनमें से कुछ या सभी अभी भी जिंदा हुए तो? चमत्कार होते रहते हैं।'
विज्ञापन


राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय को यह जानकारी देते हुए बताया कि अवैध खदान में फंसे 15 खनिकों को बचाने के अभियान में नौसेना ने पांच रिमोट संचालित उपकरण लगाए गए हैं। मेघालय सरकार ने कोर्ट को बताया कि खान से एक करोड़ लीटर पानी बाहर निकाला गया है लेकिन पास की नदी से हो रहे रिसाव की वजह से मजदूरों को निकालने का अभियान बाधित हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने  न्यायालय ने मेघालय सरकार से पूछा कि वहां अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ आप क्या कर रहे हैं? इसपर राज्य सरकार ने कहा कि जहां यह घटना हुई है, उस अवैध खदान को चलाने में शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

इससे पहले केंद्र ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि मेघालय में 13 दिसंबर से एक गैरकानूनी कोयला खदान में फंसे 15 खनिकों के बचाव कार्य में परेशानियां आ रही हैं क्योंकि 355 फुट गहरी खदान का कोई खाका नहीं है। न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ को सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने बताया था कि यह गैरकानूनी खदान एक नदी के किनारे स्थित है और इससे हो रहा पानी का रिसाव बचाव अभियान में बाधा पैदा कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed