सुप्रीम कोर्ट ने सहारा से पूछा, कैसे लौटाए निवेशकों को 25 हजार करोड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह बात हमें यह हजम नहीं हो रहा कि सहारा समूह ने दो महीने के भीतर लाखों निवेशकों के पैसे वापस कर दिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि 24000 करोड़ रुपये आसमान से नहीं गिरे होंगे।
अदालत ने समूह को इतनी रकम लाने का स्रोत बताने के लिए कहा है। चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहारा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से कहा कि हम दो महीने के भीतर लाखों निवेशकों के पैसे वापस लौटने के आपके मुवक्किल की क्षमता पर संदेह नहीं कर रहे हैं लेकिन हमें यह बात हजम नही हो रही है।
पीठ ने सहारा समूह को अदालती आदेश केदो महीने के भीतर निवेशकों के पैसे वापस लौटाने के लिए 24000 करोड़ रुपये का इंतजाम करने का स्रोत बताने के लिए कहा है। पीठ ने कहा, इतनी रकम का इंतमाज करने का स्रोत क्या है। क्या आपने अन्य कंपनियों से रुपये लिए हैं। क्या आपने यह रकम बैंकों से निकाला है या अपनी संपत्ति बेचकर इसका जुगाड़ किया है।
आप प्रमाणित कर दें तो हम मिनटों में निपटा देंगे मामला
पीठ ने कहा कि रुपये तो इन्हीं तीन विकल्पों से आए होंगे, कोई आसमान से तो नहीं टपके होंगे। पीठ ने यह भी कहा कि अगर आप प्रमाण देते हैं कि सभी निवेशकों के पैसे वापस कर दिए गए हैं तो हम मिनटों में मामले को रफा-दफा कर देंगे।
इस पर सिब्बल ने कहा कि विभिन्न स्रोतों से रकम का जुगाड़ किया गया है। हमने पहले ही हलफनामे में इसका ब्योरा दे दिया है। वहीं सेबी की ओर से पेश वरिष्ठï वकील अरविंद दत्तार ने कहा कि हम जाकर निवेशकों का पता नहीं लगा सकते हैं, लेकिन हम रकम केइंतजाम का स्रोत अवश्य जानना चाहते हैं।
जवाब में सिब्बल ने कहा कि हमने निवेशकों केपैसे वापस कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक आपको यह लग सकता है कि हमने इसके लिए काले धन का इस्तेमाल किया हो। अगर ऐसा है तो यह देखने का काम आयकर विभाग का है न कि सेबी का। मालूम हो कि सहारा प्रमुख फिलहाल पैरोल पर हैं। पांच हजार करोड़ रुपये नगद और इतनी ही राशि की बैंक गारंटी का इंतजाम न कर पाने के कारण अब तक उन्हें जमानत नहीं मिल सकी है।