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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा: रेलवे की भूमि पर झुग्गियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए क्या योजना है 

Mon, 29 Nov 2021 10:25 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Mon, 29 Nov 2021 10:25 PM IST
सार

सुनवाई के दौरान रेल मंत्रालय ने कहा कि उसने शीर्ष अदालत और हाई कोर्ट में बराबर इस तथ्य को स्पष्ट किया है कि रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के पुनर्वास के लिए उसके पास कोई नीति नहीं है।

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Supreme Court asked the Center what is the plan for the rehabilitation of slum dwellers on railway land
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शहरी विकास मंत्रालय से पूछा कि गुजरात और हरियाणा में रेलवे की भूमि पर झुग्गियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए उसके पास कोई नीति है या नहीं। जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने गुजरात व हरियाणा में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण को हटाने से संबंधित दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह कहा यह कहा। इस दौरान रेल मंत्रालय ने कहा कि उसने शीर्ष अदालत और हाई कोर्ट में बराबर इस तथ्य को स्पष्ट किया है कि रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के पुनर्वास के लिए उसके पास कोई नीति नहीं है।

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रेलवे की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा पहले दिए गए एक आदेश का हवाला दिया। इसमें कहा गया था कि शहरी विकास मंत्रालय को वर्ष 2015 में दिल्ली में अधिसूचित नीति पर कोई आपत्ति नहीं है। इस पर पीठ ने टिप्पणी की, इसलिए मंत्रालय इस नीति को रेलवे की संपत्तियों तक विस्तार देने के लिए राजी हो गया था। 
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कोर्ट ने पूछा, क्या दिल्ली जैसा प्रावधान हरियाणा-गुजरात में भी
नटराज की इस दलील पर कि संबंधित राज्यों को पुनर्वास नीति लानी चाहिए, पीठ ने कहा कि शहरी विकास मंत्रालय और आप दोनों भारत सरकार हैं। इसलिए मंत्रालय को उसी प्रकार की नीति वहां लागू करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। पीठ ने कहा कि वह जानना चाहती है कि जैसा प्रावधान दिल्ली में है, क्या वैसी ही व्यवस्था मंत्रालय द्वारा गुजरात व हरियाणा में की जा सकती है। इस पर नटराज ने कहा कि वह इस मुद्दे पर निर्देश लेकर न्यायालय को सूचित करेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले को तीन दिसंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

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