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लॉकडाउन में रद्द हुई उड़ानों के टिकट पर रिफंड के डीजीसीए के प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट की मुहर
Fri, 02 Oct 2020 03:14 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 02 Oct 2020 03:14 AM IST
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रनवे पर खड़े विभिन्न कंपनियों के विमान (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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कोविड -19 के कारण लॉकडाउन में रद्द की गई उड़ानों की टिकटों के रिफंड को लेकर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के प्रस्ताव पर सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को अपनी मुहर लगा दी। इस प्रस्ताव में तत्काल रिफंड से लेकर क्रेडिट शेल के इस्तेमाल के लिए 31 मार्च 2021 तक का वक्त शामिल है।
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जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा, हमें लगता है कि रिफंड का यह फार्मूला देश में व्याप्त अप्रत्याशित परिस्थितियों में कारगर समाधान है।
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पीठ ने एनजीओ ‘प्रवासी कानूनी सेल’ की जनहित याचिका का निपटारा करते हुए कहा, साधारण परिस्थिति में रिफंड के तौर-तरीके नागरिक उड्डयन द्वारा एयरक्राफ्ट एक्ट के तहत होते थे, लेकिन इस समय किसी भी हितधारक के लिए कोई सार्थक हल नहीं मिल सकता है।
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पीठ ने कहा, हम देश और दुनिया भर की वर्तमान स्थिति को नजरअंदाज नहीं कर सकते। इस बात पर कतई विवाद नहीं है कि कोरोना संकट में नागरिक उड्डयन क्षेत्र गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।
आगे कहा, हवाई यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है और जिसे धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। किसी और तरह की सख्ती से इस पर और बुरा प्रभाव पड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगर किसी व्यक्ति ने लॉकडाउन (25 मार्च से 24 मई) के दौरान लॉकडाउन अवधि का टिकट बुक कराया था, उन लोगों को पूरा रिफंड मिलेगा। यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों पर लागू होगा।
रिफंड टिकट रद्द करने के तीन हफ्ते के भीतर हो जाना चाहिए। जिन लोगों ने एजेंट के माध्यम से टिकट लिया था, उन लोगों को भी एजेंट के माध्यम से पूरा रिफंड मिलेगा। वहीं जिन लोगों ने टिकट कभी भी बुक किया हो और उन्हें 24 मई के बाद यात्रा करना था उनका रिफंड सिविल एवियेशन रिक्वायरमेंट प्रावधान के तहत किया जाएगा अन्य स्थितियों में एयरलाइन्स द्वारा यात्रियों से ली गई रकम को 15 दिनों के भीतर रिफंड का प्रयास किया जाना चाहिए। अ
गर किसी एयरलाइन्स की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है तो वैसी स्थिति में यात्रियों को क्रेडिट शेल की सुविधा देनी होगी। क्रेडिट शेल की सुविधा 31 मार्च 2021 तक के लिए होगी और इसे स्थानांतरित भी किया जा सकेगा। मतलब यह जरूरी नहीं है कि जिसके नाम से टिकट बुक हुई थी सिर्फ वही इस सुविधा का लाभ उठाए। कोर्ट ने ऐसे यात्रियों के लिए इंसेंटिव देने की बात भी कही है।