फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court: Appointed mediator in property dispute between Lalit Modi and his mother Bina Modi

सुप्रीम कोर्ट: ललित मोदी और उनकी मां बीना मोदी के बीच संपत्ति विवाद में मध्यस्थ नियुक्त 

Thu, 16 Dec 2021 05:12 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Thu, 16 Dec 2021 05:12 PM IST
सार

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीशों न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ के नामों को मध्यस्थ के रूप में मंजूरी दी।

विज्ञापन
Supreme Court: Appointed mediator in property dispute between Lalit Modi and his mother Bina Modi
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी और उनकी मां बीना मोदी के बीच लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए दो सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को मध्यस्थ नियुक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट की एक खंडपीठ के उस फैसले के खिलाफ ललित मोदी की अपील पर सुनवाई की जिसमें कहा गया है कि बीना मोदी की उनके बेटे ललित मोदी के खिलाफ दाखिल मध्यस्थता विरोधी याचिका सुनवाई के योग्य है। 

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीशों न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ के नामों को मध्यस्थ के रूप में मंजूरी दी। इस पीठ में न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली भी शामिल हैं। पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि दोनों पक्ष जस्टिस विक्रमजीत सेन और कुरियन जोसेफ के तहत मध्यस्थता के लिए सहमत हैं। हमारा दोनों पक्षों को सुझाव है कि हैदराबाद स्थित मध्यस्थता केंद्र की सुविधाओं का इस्तेमाल करें।
विज्ञापन


शीर्ष अदालत ने कहा कि हम पक्षों को गोपनीयता बनाए रखने का निर्देश देते हैं। मध्यस्थों से गुजारिश है कि तीन महीने के भीतर कार्यवाही में तेजी लाएं। इससे पहले ललित मोदी की मां बीना मोदी की ओर से याचिका दायर की गई थी जिसमें विवाद को लेकर ललित मोदी द्वारा सिंगापुर में शुरू की गई मध्यस्थता की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई थी। पिछली सुनवाई में भी सुप्रीम कोर्ट ने दोनों ही पक्षों को मध्यस्थता का सुझाव दिया था और अपनी पसंद के मध्यस्थों के नाम सुझाने को कहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed