फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court: Answer to the Childrens Commission on handing over children living in childhouses to the family

बालगृहों में रह रहे बच्चों को परिवार को सौंपने पर बाल आयोग से सुप्रीम कोर्ट का जवाब-तलब

Sat, 10 Oct 2020 01:38 AM IST
Kuldeep Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 10 Oct 2020 01:38 AM IST
विज्ञापन
Supreme Court: Answer to the Childrens Commission on handing over children living in childhouses to the family
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

सुप्रीम कोर्ट ने आठ राज्यों के बालगृहों में रह रहे 70 फीसदी से ज्यादा बच्चों के उनके परिवार को सौंपना सुनिश्चित करने को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के पत्र पर उससे जवाब तलब किया है। जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने शुक्रवार को एनसीपीसीआर के पत्र पर संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 24 अक्तूबर को होगी।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने आयोग के पत्र पर संज्ञान लेकर जारी किया नोटिस
सुनवाई के दौरान मामले के न्यायमित्र वरिष्ठ वकील गौरव अग्रवाल ने पत्र को कोर्ट के संज्ञान में लाते हुए कहा, इन राज्यों में कोरोना का प्रकोप जारी है और आयोग को यह पत्र जारी नहीं करना चाहिए। शीर्ष अदालत महामारी के चलते देशभर के बालगृहों, संरक्षण गृह और किशोर सुधार गृह में रह रहे बच्चों के हालातों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई कर रही है।
विज्ञापन


इससे पहले, कोर्ट ने राज्यों व विभिन्न प्राधिकरणों को इन बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 21 जुलाई को बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) को चलाने के लिए सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को मुहैया कराई गई राशि की विस्तृत जानकारी देने के लिए केंद्र को हलफनामा देने को कहा था। कोर्ट ने अग्रवाल से उन उपायों के बारे में बताने को कहा था, जो विभिन्न राज्य बच्चों की देखभाल व कल्याण के लिए उठा रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


100 दिन में बच्चों के परिवार के पास भेजने को कहा था
आयोग ने 24 सितंबर को महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, मेघालय, तेलंगाना, तमिलनाडु, मिजोरम और आंध्र प्रदेश को पत्र लिखा था। आयोग ने विभिन्न जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था कि वह सुनिश्चित करें कि 100 दिन के भीतर बच्चे परिवार के पास लौट जाएं। जिन बच्चों को परिवार के पास नहीं भेजा जा सकता उन्हें गोद लेने के लिए या पालन पोषण केंद्रों में भेजा जाए। 

बालगृहों में 2.56 लाख बच्चे 
इस समय देश में 2.56 लाख बच्चे बालगृहों में रह रहे हैं। इनमें से 1.84 लाख यानी करीब 72 फीसदी बच्चे आठ राज्यों में हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed