फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court angry over not giving reservation to women in civic elections

SC: निकाय चुनाव में महिलाओं को आरक्षण न देने से सुप्रीम कोर्ट खफा, केंद्र और नगालैंड सरकार को लगाई फटकार

Wed, 26 Jul 2023 12:20 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 26 Jul 2023 12:20 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एसके कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि केंद्र सिर्फ यह कहकर अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती कि यह आदिवासी क्षेत्रों पर लागू नहीं होता। नगालैंड की महिलाएं जीवन के हर पहलू में सक्रीय रूप से भाग लेती हैं।

विज्ञापन
Supreme Court angry over not giving reservation to women in civic elections
सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने नगालैंड सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने फटकारते हुए कहा कि केंद्र सरकार संविधान को लागू करने के लिए तैयार नहीं है। दरअसल, सरकार ने पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड में नगरीय निकाय चुनावों में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण की संवैधानिक योजना को लागू नहीं किया, जिस वजह से कोर्ट ने दोनों सरकारों को फटकार लगाई।  

विज्ञापन

केंद्र सरकार को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एसके कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि केंद्र सिर्फ यह कहकर अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती कि यह आदिवासी क्षेत्रों पर लागू नहीं होता। नगालैंड की महिलाएं जीवन के हर पहलू में सक्रीय रूप से भाग लेती हैं। कोर्ट ने कहा कि आप क्या कर रहे हैं। वहां भी आपकी सरकार है। आप यहां यह नहीं कह सकते कि राज्य में कोई और है। केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि संविधान को लागू करने में केंद्र सरकार इच्छुक नहीं है। आप छोटे से आदेश पर सरकारों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं लेकिन जहां संवैधानिक प्रावधान का पालन नहीं किया जा रहा, वहां आप कुछ क्यों नहीं कहते। 

विज्ञापन

राज्य से पूछा सवाल
नगालैंड में नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के साथ भाजपा का गठबंधन है। नगालैंड के महाधिवक्ता केएन बालगोपाल ने कहा कि राज्य सरकार अदालत को संतुष्ट करने के लिए एक नया कानून लाने की इच्छुक है। उन्होंने जब कोर्ट से राज्य सरकार से निर्देश लेने के लिए समय मांगा तो कोर्ट ने कहा कि उसने राज्य सरकार को कई मौके दिए लेकिन उसने कुछ नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि आप उन राज्य सरकारों के खिलाफ सख्ती करेंगे, जो आपके प्रति उत्तरदायी नहीं है। लेकिन आपका अपना राज्य संवैधानिक योजना का उल्लंघन कर रही है और आप कुछ नहीं करना चाहते। आप इससे हाथ नहीं धो सकते। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed