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सुप्रीम कोर्ट: अभी भी हमारे आदेशों को संप्रेषित करने के लिए कबूतरों की तलाश की जा रही है

Fri, 16 Jul 2021 04:33 PM IST
गौरव पाण्डेय राजीव सिन्हा, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 16 Jul 2021 04:33 PM IST
सार

जमानत आदेशों के तेजी से संप्रेषित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट योजना बनाएगा।

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Supreme court angry on slow communication of its orders news in Hindi
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जमानत से संबंधित अपने आदेशों के संचार की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की। शीर्ष अदालत ने कहा कि इसकी वजह से नागरिकों के स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों में देरी हुई। 

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शीर्ष अदालत ने इसके लिए एक योजना शुरू करने का निर्णय लिया है जिससे कि अदालती आदेशों को त्वरित और सुरक्षित तरीके से संचारित किया जा सके।

चीफ जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने कहा, 'सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के इस युग में हम अभी भी आसमान में देख रहे हैं कि कबूतर आदेशों को गंतव्य तक पहुंचाएं।'
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सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अपनी रजिस्ट्री को एक सुरक्षित, विश्वसनीय और प्रामाणिक चैनल के माध्यम से आदेशों की डिलीवरी के लिए एक योजना बनाने के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। 
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इसका मकसद होगा कि आदेशों को संबंधित जेल, जिला अदालत व हाईकोर्ट तक पहुंचाया जा सके। इससे समय और प्रयास की बचत होगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेशों के कार्यान्वयन में कोई देरी न हो।

विशेष पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को दो सप्ताह के भीतर योजना से संबंधित एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।

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