कश्मीरी छात्रों को सुरक्षा देने संबंधी जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
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सुप्रीम कोर्ट पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद देशभर में कथित रूप से हमलों का शिकार हो रहे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा के लिए प्राधिकारियों को निर्देश देने संबंधी जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
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सुप्रीम कोर्ट पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद देशभर में कथित रूप से हमलों का शिकार हो रहे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा के लिए प्राधिकारियों को निर्देश देने संबंधी जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
Supreme Court agrees to hear tomorrow a plea filed by an advocate against the alleged attacks on Kashmiri students all over the country after #PulwamaTerrorAttack. pic.twitter.com/l3h0K0ytW8
— ANI (@ANI) February 21, 2019
बता दें जम्मू कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था। जिसमें 40 जवान शहीद हो गए। 14 फरवरी को हुए इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है।
जवानों पर हमला करने वाले आत्मघाती हमलावर का नाम आदिल अहमद डार था। जो कश्मीर का ही रहने वाला था। वह आतंकी संगठन जैश का सदस्य था। इस हमले के बाद देशभर में सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ पोस्ट भी किए गए।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एल एन राव और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने गुरुवार को वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्वेज की इस बात पर ध्यान दिया कि याचिका पर तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है क्योंकि यह छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
पीठ ने मामले को सुनवाई के लिए गुरुवार को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया, लेकिन इस पर विचार के लिए इसे शुक्रवार को सूचीबद्ध करने का भरोसा दिलाया। याचिका में आरोप लगाया गया कि पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद कश्मीर घाटी के छात्रों पर देशभर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में हमला किया जा रहा है और संबंधित प्राधिकारियों को इस प्रकार के हमले रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।
यह भी पढ़ें- पुलवामा हमला: सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वाले 8 गिरफ्तार, 15 के खिलाफ मामला दर्ज
वहीं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने पुलवामा हमले के बाद देश के कुछ हिस्सों में कश्मीरियों के खिलाफ हो रही हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया।
उन्होंने ट्वीट कर पूछा कि प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साहब क्या हम कश्मीरी छात्रों और अन्य को टारगेट कर किए जा रहे सुनियोजित हमलों की निंदा के कुछ शब्द सुनेंगे या आपकी चिंता कश्मीर तक विस्तारित नहीं होती है। वे सोशल मीडिया पर वायरल हुए उस वीडियो पर टिप्पणी कर रहे थे जिनमें एक कश्मीरी की कोलकाता में पिटाई होते दिखाया गया है।
उन्होंने कहा कि कोलकाता में एक कश्मीरी युवक की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मैं डेरेक ओ ब्रायन और ममता बनर्जी के साथ इस मामले में संपर्क में हूं। दोषियों की पहचान कर ली गई है और कठोरतम कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। जिस युवक की पिटाई हुई थी उससे प्रशासन ने संपर्क किया है और वे उसकी देखभाल कर रहे हैं।कहां से सामने आए मामले?
- हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में भी कश्मीरी युवकों के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में कुछ लोग पुलिस जवानों के सामने ही कश्मीरी युवक की धुनाई कर रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो में कितनी सच्चाई है, यह सब जांच के बाद ही पता चलेगा।
- हरियाणा की पैसेंजर ट्रेन में दो कश्मीरी युवकों की पिटाई करने और गाली गलौज करते हुए उन्हें धक्का देकर स्टेशन पर उतार दिए जाने का मामला सामने आया। मामला हरियाणा के रोहतक का है। दिल्ली के नांगलोई रेलवे स्टेशन से शाल-लोई की तीन गठरियों के साथ दिल्ली-रोहतक पैसेंजर ट्रेन में सवार हुए दो कश्मीरी युवकों को यात्रियों मारपीट कर स्टेशन पर उतार दिया।
- चंडीगढ़ के एक कॉलेज में हिमाचली छात्रों के साथ कश्मीरी छात्रों की झड़प हो गई। बाद में कश्मीरी छात्रों को पुलिस सुरक्षा में घाटी के लिए रवाना किया गया।
- यूपी के सहारनपुर में कुछ हिंदू संगठन के लोगों ने शहर के कुछ कश्मीरी लोगों के घरों के बाहर प्रदर्शन किया। हिंदू संगठन के लोगशहर में रह रहे कश्मीरी लोगों के घर के बाहर बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। यहां जमा हुए संगठन कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कश्मीरी लोगों को शहर छोड़कर जाने की चेतावनी दी।
- कोलकाता में 22 वर्ष से रह रहे एक कश्मीरी डॉक्टर ने दावा किया है कि पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद उसे शहर छोड़ने या फिर 'गंभीर परिणाम' भुगतने की धमकी दी जा रही है। डॉक्टर ने हालांकि पश्चिम बंगाल सरकार के उसके बचाव में आने के बाद वहीं रहने का निर्णय लिया है।
अगले दिन, डॉक्टर को पश्चिम बंगाल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की प्रमुख का फोन आया और उन्होंने उन्हें मदद का आश्वासन दिया। पश्चिम बंगाल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष अनन्या चक्रवर्ती से सम्पर्क करने पर उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि डॉक्टर के परिवार को कोई तकलीफ ना हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए गए हैं।
- नोएडा में उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना के अध्यक्ष व विवादित बयानों के लिए चर्चित रहने वाले अमित जानी ने सेक्टर-15 स्थित होटल में कश्मीर के लोगों के लिए नो एंट्री का बोर्ड लगाया है। जब इस बारे में पुलिस व प्रशासन को जानकारी मिली तो होटल से इस बोर्ड को हटा दिया गया।