फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court agrees to hear plea challenging Andhra Pradesh Reorganization Act news in Hindi

बड़ा फैसला: साल 2014 के आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Sun, 10 Apr 2022 10:07 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 10 Apr 2022 10:07 PM IST
सार

याचिका में दावा किया गया है कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम संसद के दोनों सदनों में 'विवादित' तरीके से पारित हुआ था और यह कानून व संविधान के खिलाफ था।

विज्ञापन
Supreme Court agrees to hear plea challenging Andhra Pradesh Reorganization Act news in Hindi
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने साल 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की है। इस याचिका में दावा किया गया है कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम संसद के दोनों सदनों में 'विवादित' तरीके से पारित हुआ था। याचिका में इसे कानून और संविधान के खिलाफ बताया गया है।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने बताया कि याचिका के प्रमुख पहलुओं में से एक आंध्र प्रदेश के विभाजन की चुनौती समय बीतने के साथ निष्फल हो गई है, लेकिन कई अन्य अहम मुद्दे हैं, जिन पर फैसला लेने की जरूरत है। 
विज्ञापन


प्रशांत भूषण ने पीठ से याचिका को सुनवाई के लिए सूचाबद्ध करने का अनुरोध करते हुए कहा कि यह मामला आंध्र प्रदेश के विभाजन से संबंधित है। हो सकता है कि वह हिस्सा निष्फल हो गया हो, लेकिन अन्य प्रश्न भी हैं जो राज्यों के विभाजन के संबंध में शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर पीठ ने कहा कि हम इसे देखेंगे। इस पीठ में न्यायाधीश कृष्ण मुरारी और हिमा कोहली भी शामिल थीं। पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने की बात बीते शुक्रवार को कही थी। बता दें कि इस अधिनियम के जरिए साल 2014 तेलंगाना राज्य अस्तित्व में आया था। 

आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 18 फरवरी को लोकसभा और 20 फरवरी को राज्यसभा से पारित हुआ था। एक मार्च मार्च को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसे अनुमति दे दी थी। इसके एक दिन बाद अधिनियम को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया गया था।


प्रदेश के विभाजन और विधेयक को पारित कराए जाने के विवादित तरीके को लेकर शीर्ष अदालत में साल 2014 में कई याचिकाएं दाखिल की गई थी जो लंबित हैं। इनमें से एक याचिका आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण रेड्डी ने दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि राज्य का विभाजन गैरकानूनी और असंवैधानिक था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed