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तरुण तेजपाल दुष्कर्म मामला: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद मामला तीन महीने कि लिए स्थगित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 27 Nov 2018 03:54 PM IST
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तहलका
- फोटो : quartz
तरुण तेजपाल के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में आज सुनवाई हुई। जिसमें गोवा सरकार द्वारा स्थगन की मांग के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामला तीन महीने के लिए स्थगित कर दिया है।
कौन हैं तरुण तेजपाल, जानिए क्या है पूरा मामला
बता दें कि तहलका मैगजीन के संस्थापक और पूर्व संपादक तरुण तेजपाल पर उनकी ही महिला सहकर्मी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। उनकी सहकर्मी के अनुसार नवंबर 2013 में तरुण ने गोवा के एक होटल में उनका यौन उत्पीड़न किया।
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तहलका के पूर्व संपादक ने अपने पद को बचाने के लिए छह महीने तक कोशिश की। इस मामले में पहली एफआईआर 22 नवंबर को की गई, और 30 नवंबर 2013 को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
तेजपाल की गिरफ्तारी के बाद गोवा पुलिस ने उसे पणजी से 40 किमी दूर सदा उपजेल भेजा था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 27 नवंबर 2013 को उन सभी मेल का खुलासा हुआ, जो तेजपाल ने पीड़िता को भेजे थे।
मेल में तेजपाल ने पीड़िता से कई बार माफी मांगी और गलती को स्वीकार किया, लेकिन पीड़िता ने 25 नवंबर 2013 को तहलका से इस्तीफा दिया। इस मामले में 28 नवंबर को तहलका की संपादक शोमा चौधरी को भी गिरफ्तार किया गया। शोमा पर मामले को छिपाने का आरोपी था।
19 मई 2014 को तेजपाल की मां के दाह संस्कार के लिए उन्हें आंतरिक जमानत दी गई। इसके बाद 1 जुलाई 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल को जमानत दे दी। 7 अक्टूबर 2017 को अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायालय ने तेजपाल पर आरोप तय किए।
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Rape case against Tarun Tejpal: Supreme Court adjourns the case for three weeks after Goa government sought deferment of the matter.
— ANI (@ANI) November 27, 2018विज्ञापन
कौन हैं तरुण तेजपाल, जानिए क्या है पूरा मामला
बता दें कि तहलका मैगजीन के संस्थापक और पूर्व संपादक तरुण तेजपाल पर उनकी ही महिला सहकर्मी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। उनकी सहकर्मी के अनुसार नवंबर 2013 में तरुण ने गोवा के एक होटल में उनका यौन उत्पीड़न किया।
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तहलका के पूर्व संपादक ने अपने पद को बचाने के लिए छह महीने तक कोशिश की। इस मामले में पहली एफआईआर 22 नवंबर को की गई, और 30 नवंबर 2013 को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
तेजपाल की गिरफ्तारी के बाद गोवा पुलिस ने उसे पणजी से 40 किमी दूर सदा उपजेल भेजा था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 27 नवंबर 2013 को उन सभी मेल का खुलासा हुआ, जो तेजपाल ने पीड़िता को भेजे थे।
मेल में तेजपाल ने पीड़िता से कई बार माफी मांगी और गलती को स्वीकार किया, लेकिन पीड़िता ने 25 नवंबर 2013 को तहलका से इस्तीफा दिया। इस मामले में 28 नवंबर को तहलका की संपादक शोमा चौधरी को भी गिरफ्तार किया गया। शोमा पर मामले को छिपाने का आरोपी था।
19 मई 2014 को तेजपाल की मां के दाह संस्कार के लिए उन्हें आंतरिक जमानत दी गई। इसके बाद 1 जुलाई 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल को जमानत दे दी। 7 अक्टूबर 2017 को अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायालय ने तेजपाल पर आरोप तय किए।