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गुहार: एमराल्ड कोर्ट ट्विन टावर के बचाव में उतरा सुपरटेक, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया संशोधन आवेदन
Sat, 25 Sep 2021 10:35 AM IST
संजीव कुमार झा
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 25 Sep 2021 10:35 AM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने आवेदन में सुपरटेक ने कहा है कि फैसले में अदालत द्वारा की गई टिप्पणियों के मद्देनजर उन्होंने प्रोजेक्ट में बदलाव करने का निर्णय लिया है। आवेदन के जरिए सुपरटेक ने प्रोजेक्ट में संभावित बदलाव की रूपरेखा पेश की है।
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सुपरटेक ट्विन टावर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोएडा एक्सप्रेस स्थित एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के 40 मंजिले ट्विन टावर-16(अपेक्स) और 17(स्यान) को ढहाने के आदेश को लेकर सुपरटेक ने शुक्रवार को संशोधन आवेदन दाखिल किया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने आवेदन में सुपरटेक ने कहा है कि फैसले में अदालत द्वारा की गई टिप्पणियों के मद्देनजर उन्होंने प्रोजेक्ट में बदलाव करने का निर्णय लिया है। आवेदन के जरिए सुपरटेक ने प्रोजेक्ट में संभावित बदलाव की रूपरेखा पेश की है।
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मालूम हो कि गत 31 अगस्त कोजस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पारित उस आदेश को बरकरार रखा था जिसमें दोनों टावर को गिराने का आदेश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के इन दो टावरों को तीन महीने के भीतर गिराने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही यह भी कहा था कि ढहाने का कार्य नोएडा के अधिकारियों की देखरेख में होगा।
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सुपरटेक को इस मद होने वाले खर्च का वहन करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) को टावरों को गिराने के लिए कहा था जिससे कि सुरक्षित तरीके से गिराना सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को दो महीने के भीतर ट्विन टावरों के फ्लैट खरीदारों को 12 फीसदी प्रति वर्ष ब्याज के साथ राशि वापस करने का भी निर्देश दिया था। कोर्ट ने बिल्डर को एक महीने के भीतर एमरॉल्ड कोर्ट ओनर रेजिडेंट्स वेलफेयर असोसिएशन को हर्जाने के तौर पर दो करोड़ रुपए का भुगतान करने का भी निर्देश दिया था।
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