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चीनी व्यापारी ने बैंक में जमा किए 18 लाख रुपयों के 100-100 के नोट, पब्लिक ने बजाई ताली
अमर उजाला ब्यूरो/ मुरादाबाद
Updated Sat, 19 Nov 2016 05:34 AM IST
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चीनी व्यापारी रामरतन को सम्मानित करते बैंक कर्मचारी
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बुधवार शाम एसबीआई की कटघर शाखा में कैश जमा करने पहुंचे चीनी व्यापारी रामरतन शर्मा ने नोटों को बोरा खोला तो बैंक स्टाफ दंग रह गया। बोरे में सौ-सौ के नोटों की गड्डियां थीं। काउंट किया तो बोरे में कुल 18.3 लाख रुपये निकले। जहां देशभर में सौ-सौ के नोटों की किल्लत है, ऐसे में 100 के नोटों को बैंक में ले जाकर जमा करने पर बैंक ने चीनी व्यापारी को सम्मानित किया है। वहीं साईं हास्पिटल के डा. संजीव टंडन ने भी छोटे नोट बैंक में जमा करके वाहवाही बटोरी है।
चंद्रनगर एनकेपुरम निवासी चीनी व्यापारी रामरतन शर्मा का एसबीआई कटघर में अकाउंट है। बुधवार शाम उन्होंने बैंक में 18.3 लाख रुपये के सौ-सौ के नोट जमा कराए थे। रामरतन जब बैंक पहुंचे तो एसबीआई के बाहर करेंसी एक्सचेंज के लिए पहुंची पब्लिक की कतारें लगी थीं। लेकिन बैंक में छोटी करेंसी खत्म हो चुकी थी। ठीक उसी वक्त रामरतन शर्मा बैंक पहुंचे और कैश जमा करने के लिए नोटों से भरा बोरा काउंटर पर रखा। बोरा खुला तो उसमें 100- 100 के नोट देख सभी दंग रह गए। इसके बाद इसी पैसे से बैंक ने कतार में लगे लोगों की करेंसी एक्सचेंज की। गुरुवार को बैंक अफसरों ने रामरतन को बैंक बुलाकर सम्मानित किया।
उधर, साईं हास्पिटल के डा. संजीव टंडन ने भी अपने बैंक खाते में सौ - सौ के 63 नोट जमा करके एक अच्छी पहल की है। डा. टंडन का कहना है कि उनके पास सौ- सौ के नोट उनकी जरूरत से ज्यादा थे इसलिए उन्होंने बैंक में जमा करा दिए ताकि बैंक इन नोटों को दूसरे जरूरतमंद लोगों को दे सके।
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चंद्रनगर एनकेपुरम निवासी चीनी व्यापारी रामरतन शर्मा का एसबीआई कटघर में अकाउंट है। बुधवार शाम उन्होंने बैंक में 18.3 लाख रुपये के सौ-सौ के नोट जमा कराए थे। रामरतन जब बैंक पहुंचे तो एसबीआई के बाहर करेंसी एक्सचेंज के लिए पहुंची पब्लिक की कतारें लगी थीं। लेकिन बैंक में छोटी करेंसी खत्म हो चुकी थी। ठीक उसी वक्त रामरतन शर्मा बैंक पहुंचे और कैश जमा करने के लिए नोटों से भरा बोरा काउंटर पर रखा। बोरा खुला तो उसमें 100- 100 के नोट देख सभी दंग रह गए। इसके बाद इसी पैसे से बैंक ने कतार में लगे लोगों की करेंसी एक्सचेंज की। गुरुवार को बैंक अफसरों ने रामरतन को बैंक बुलाकर सम्मानित किया।
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उधर, साईं हास्पिटल के डा. संजीव टंडन ने भी अपने बैंक खाते में सौ - सौ के 63 नोट जमा करके एक अच्छी पहल की है। डा. टंडन का कहना है कि उनके पास सौ- सौ के नोट उनकी जरूरत से ज्यादा थे इसलिए उन्होंने बैंक में जमा करा दिए ताकि बैंक इन नोटों को दूसरे जरूरतमंद लोगों को दे सके।
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