{"_id":"639d92b382538a1fce67bb2c","slug":"sudden-lockout-in-assam-tea-garden-500-workers-in-agitation","type":"story","status":"publish","title_hn":"Assam: अचानक तालाबंदी की घोषणा से चाय बागान मजदूर आक्रोशित, 500 से ज्यादा कर्मचारियों ने शुरू किया आंदोलन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Assam: अचानक तालाबंदी की घोषणा से चाय बागान मजदूर आक्रोशित, 500 से ज्यादा कर्मचारियों ने शुरू किया आंदोलन
Sat, 17 Dec 2022 03:28 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 17 Dec 2022 03:28 PM IST
सार
स्थानीय पंचायत के प्रमुख राधेश्याम कुर्मी ने आरोप लगाया कि चाय बागान के अधिकारियों ने बुधवार की रात चुपके से तालाबंदी का नोटिस लगा दिया और परिसर से चले गए।
विज्ञापन
असम के चाय बागान
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
असम के हैलाकांडी जिले में अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर संचालन बंद करने की घोषणा के बाद करीब पांच सौ चाय बागान मजदूरों ने आंदोलन शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
पिछले दिनों तालाबंदी की घोषणा के बाद गुरुवार से चाय बागान के मजदूर हैलाकांडी शहर से करीब बीस किलोमीटर की दूरी पर गगलाचेर्रा में उद्यान अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ एक चाय संघ ने दोनों पक्षों के बीच मामले को सुलझाने के लिए कदम उठाए हैं।
विज्ञापन
मजिस्ट्रेट झिंटू बोरा और श्रम अधिकारी पीके मालाक समेत अधिकारियों की एक ने शुक्रवार को बगीचे का दौरा किया और मजदूरों को यह आश्वासन दिया कि वह इस मामले को जिला उपायुक्त के समक्ष उठाएंगे।
विज्ञापन
स्थानीय पंचायत के प्रमुख राधेश्याम कुर्मी ने आरोप लगाया कि चाय बागान के अधिकारियों ने बुधवार की रात चुपके से तालाबंदी का नोटिस लगा दिया और परिसर से चले गए। उन्होंने कहा, गुरुवार को भुगतान का दिन था और अधिकारियों ने इस तरह से पलायन कर लोगों को आक्रोशित किया है।
स्थानीय पंचायत के प्रमुख राधेश्याम कुर्मी ने आरोप लगाया कि चाय बागान के अधिकारियों ने बुधवार की रात चुपके से तालाबंदी का नोटिस लगा दिया और परिसर से चले गए। उन्होंने कहा, गुरुवार को भुगतान का दिन था और अधिकारियों ने इस तरह से पलायन कर लोगों को आक्रोशित किया है।
कुर्मी ने यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों को सरकारी दर से कम दैानिक मजदूरी मिलती है और महिला श्रमिकों को प्रतिदिन अनिवार्य से अधिक चाय पत्ती तोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने दावा किया, अब हमारे पास अपनी शिकायतों को दूर करने वाला कोई नहीं है।
प्लांटर्स बॉडी टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बराक वैली के महासचिव सरदिन्दु भट्टाचार्जी ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी है और उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कृषि और वन विभागों पर व्यक्त की नाराजगी
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने किसानों के बीच उनके लाभ के लिए सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करने में पीछे रहने पर कृषि और वन विभागों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के साथ दो मंडलों को गांव और कलस्टर स्तर पर किसानों तक पहुंचना चाहिए, ताकि उन्हें विभिन्न राज्य और केंद्रीय योजनाओं से अवगत कराया जा सके।
तीन दिवसीय सातवें असम कृषि-वानिकी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा, पिछले एक वर्ष में किसानों के लिए सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि हमारे कृषि और वन विभाग लोगों तक इन बातों को पहुंचाने में पिछड़ रहे हैं।