सेना के जवानों पर FIR के मामले पर चढ़ा सियासी रंग, बीजेपी के अंदर से ही उठी आवाज
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घाटी में भारतीय सेना के खिलाफ जम्मू पुलिस द्वारा एफाआईआर दर्ज कराने के मामले पर सियासी रंग चढ़ता दिखाई दे रहा है। मामले को लेकर मोदी सरकार के अंदर से ही आवाजें उठने लगी हैं। बीजेपी के तेज-तर्रार नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने इस घटना को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
सुब्रमण्यम स्वामी ने सीतारमण पर सवाल खड़े करते हुए एक ट्वीट दाग दिया है। अपने ट्विटर हैंडल पर उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के बयान पर रक्षा मंत्री सीतारमण ने खंडन नहीं किया है। उन्होंने लिखा कि पार्टी को रक्षा मंत्री की चुप्पी पर संज्ञान लेने की जरूरत है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें शोपियां में पत्थरबाजों पर सेना द्वारा की गई गोलीबारी को लेकर केस दर्ज कराया गया है। इस मामले को लेकर बयानबाजी का दौर चल रहा है। इसी कड़ी में सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि भारतीय सेना के खिलाफ केस दर्ज नहीं होना चाहिए।
Raksha Mantri Ms. Sitharaman has refused to deny the J&K Assembly statement of CM Mehbooba Mufti on the FIR, that RM pre-approved the idea. RM's one week of silence calls for party's notice of issue. We cannot allow the FIR
— Subramanian Swamy (@Swamy39) 3 February 2018
सेना पर एफआईआर दर्ज होने के बाद सीएम महबूबा ने कहा था इस बारे में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से बात की जा चुकी है। उन्होंने मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा था। जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री ने सीतारमण से हुई चर्चा के बारे में बात करते हुए बताया था कि अगर किसी सैन्य अधिकार ने गलती की है और उस पर प्राथमिकी दर्ज की गई है तो सरकार का कर्तव्य है कि उसे तार्किक अंत तक पहुंचाना चाहिए।