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इतनी न बढ़े पेट्रोल की कीमत कि लोग विद्रोह पर उतर आएं : सुब्रमण्यन स्वामी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 10 Sep 2018 02:53 PM IST
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सुब्रमण्यन स्वामी
पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों को लेकर पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी सरकार की आलोचना हो रही है। भाजपा सरकार को कई जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष ने तो भाजपा को इसी मुद्दे पर घेरने के लिए कमर कस ली है। कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ चुनावी माहौल बनाने के लिए भारत बंद का आह्वान किया है। वहीं, भाजपा सांसद सुब्रहमण्यन स्वामी ने भी कहा है कि सरकार को पेट्रोल की कीमतों में स्थिरता लानी चाहिए।
स्वामी ने इस मुद्दे पर कहा कि जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो ईंधन की कीमतें भी बढ़ाई जाती हैं, यह माइक्रोइकोनॉमिक्स (सूक्ष्म अर्थव्यवस्था) है। उन्होंने कहा कि मैं इस व्यवस्था के पक्ष में नहीं हूं, क्योंकि इसमें सिर्फ दो पक्ष (क्रेता और विक्रेता) ही भागीदार होते हैं), लेकिन यहां पूरी अर्थव्यवस्था इसमें भागीदार है, इसलिए यह मैक्रोइकोनॉमिक्स (व्यापक अर्थव्यवस्था) है।
स्वामी ने आगे कहा कि मुझे लगता है व्यापक अर्थव्यवस्था में पेट्रोल की कीमत 40 रुपये होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पेट्रोलियम मंत्री से कहना चाहिए कि उन्हें इसे अर्थव्यवस्था के एक भाग के रूप में लेकर सोचना चाहिए। पेट्रोल की कीमते इतनी नहीं बढ़ानी चाहिए कि लोग विद्रोह पर उतर आएं।
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इनपुट : एएनआइ
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स्वामी ने इस मुद्दे पर कहा कि जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो ईंधन की कीमतें भी बढ़ाई जाती हैं, यह माइक्रोइकोनॉमिक्स (सूक्ष्म अर्थव्यवस्था) है। उन्होंने कहा कि मैं इस व्यवस्था के पक्ष में नहीं हूं, क्योंकि इसमें सिर्फ दो पक्ष (क्रेता और विक्रेता) ही भागीदार होते हैं), लेकिन यहां पूरी अर्थव्यवस्था इसमें भागीदार है, इसलिए यह मैक्रोइकोनॉमिक्स (व्यापक अर्थव्यवस्था) है।
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स्वामी ने आगे कहा कि मुझे लगता है व्यापक अर्थव्यवस्था में पेट्रोल की कीमत 40 रुपये होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पेट्रोलियम मंत्री से कहना चाहिए कि उन्हें इसे अर्थव्यवस्था के एक भाग के रूप में लेकर सोचना चाहिए। पेट्रोल की कीमते इतनी नहीं बढ़ानी चाहिए कि लोग विद्रोह पर उतर आएं।
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इनपुट : एएनआइ