अध्ययन: महिलाओं की सुनने की शक्ति पुरुषों से अधिक बेहतर; माहौल और इलाका भी श्रवण शक्ति पर डालता है प्रभाव
शोध से पता चला है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में बेहतर सुन सकती हैं, क्योंकि उनकी श्रवण क्षमता औसतन दो डेसिबल अधिक होती है। लिंग, माहौल और इलाका जैसे कारक किसी व्यक्ति की सुनने की क्षमता को प्रभावित करते हैं।
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महिलाएं पुरुषों की तुलना में बेहतर सुन सकती हैं। यह चौंकाने वाली बात हो सकती है, लेकिन वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि लिंग (जेंडर) और वातावरण, दोनों ही किसी व्यक्ति की सुनने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। शोध साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि सुनने की समस्या से तात्पर्य कम सुनने से है, जो कई कारकों के कारण हो सकता है। श्रवण हानि किसी व्यक्ति को तीन मुख्य तरीकों से प्रभावित कर सकती है। पहली, संचार संबंधी समस्या के कारण शिक्षा और नौकरी के अवसर कम होते हैं। दूसरे, सेवाओं तक पहुंच में कमी और दूसरों के साथ संवाद करने में कठिनाई के कारण सामाजिक अलगाव, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास में गिरावट के कारण होने वाली भावनात्मक समस्याएं हो सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 2050 तक 70 करोड़ से ज्यादा लोग या हर 10 लोगों में से 1 व्यक्ति श्रवण हानि से पीड़ित होंगे।
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दो डेसिबल ज्यादा बेहतर सुन सकती हैं महिलाएं
शोधकर्ताओं का कहना है कि संवाहक श्रवण हानि बाहरी या मध्य कान में अवरोध या खराबी के कारण होती है। यह बाहरी या मध्य कान में संक्रमण और खराबी, क्षतिग्रस्त कान के परदे अथवा कान में जमे हुए मोम की वजह से हो सकती है। सेंसोरिन्यूरल श्रवण हानि यानी तांत्रिक बहरापन आंतरिक कान में बाल कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने के कारण होती है। यह उम्र बढ़ने, तेज शोर के संपर्क में आने जैसे मशीनरी या तेज संगीत के कारण हो सकती है।
मेनिनजाइटिस जैसी बीमारियां भी सुनने की क्षमता को प्रभावित करती हैं लेकिन इस अध्ययन में पाया गया कि सुनने की क्षमता पर सबसे ज्यादा प्रभाव लिंग का होता है। महिलाएं औसतन पुरुषों से लगभग दो डेसिबल ज्यादा बेहतर सुन सकती हैं। इसके पीछे कारण गर्भावस्था के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव और कान की बनावट में अंतर हो सकते हैं।
पहाड़ी इलाकों के लोगों की सुनने की क्षमता कम
शोध में यह भी सामने आया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुनने की क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है। इसके पीछे वहां की कम ऑक्सीजन, कम वायुदाब और ध्वनि की कम पहुंच जैसे कारण हो सकते हैं। वहीं जंगलों या ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहना पड़ता है, जिससे उनकी सुनने की शक्ति बेहतर होती है।
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महिलाएं आवाज पहचानने में भी ज्यादा बेहतर होती हैं
इस शोध में यह भी सामने आया कि महिलाएं सिर्फ अच्छी तरह सुनती ही नहीं, बल्कि वे आवाजों को पहचानने और समझने में भी पुरुषों से बेहतर होती हैं। यानी उनके मस्तिष्क में सुनाई गई जानकारी को प्रोसेस करने की क्षमता अधिक होती है। हालांकि यह संवेदनशीलता हमेशा फायदेमंद नहीं होती, क्योंकि तेज आवाज और शोर के कारण नींद, दिल और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
2050 तक 70 करोड़ से ज्यादा लोग श्रवण हानि से पीड़ित होंगे
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार ऐसा व्यक्ति जो सामान्य सुनने वाले व्यक्ति की तरह नहीं सुन पाता है, दोनों कानों में 20 डीबी या उससे बेहतर सुनने की सीमा से कम सुनता है उसे श्रवण हानि कहा जाता है। दुनिया की 5 फीसदी से ज्यादा आबादी या 430 मिलियन लोगों को श्रवण हानि को दूर करने के लिए पुनर्वास की जरूरत है। इसमें 34 मिलियन बच्चे शामिल हैं। यह अनुमान लगाया गया है कि 2050 तक 70 करोड़ से ज्यादा लोग या हर 10 लोगों में से 1 व्यक्ति अक्षम करने वाली श्रवण हानि से पीड़ित होंगे।
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