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अध्ययन: धीमी गति से बढ़ने वाले पेड़ अधिक समय तक रहते हैं जीवित, अवशोषित करते हैं ज्यादा कार्बन
Wed, 30 Oct 2024 06:05 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Wed, 30 Oct 2024 06:05 AM IST
सार
विविध प्रजातियों के पेड़ों वाले जंगलों में कार्बन सोखने की क्षमता ज्यादा होती है, क्योंकि इन जंगलों में पेड़ों की जैव विविधता ज्यादा होती है। पेड़ों की प्रजातियों के सही मिश्रण का चयन करके ज्यादा से ज्यादा कार्बन जमा किया जा सकता है। इससे जलवायु में बदलाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
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जंगल सांकेतिक (तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक नए अध्ययन से पता चला है कि जो पेड़ तेजी से बढ़ते हैं और तेजी से कार्बन को अवशोषित करते हैं वे छोटे होते हैं व उनका जीवनकाल कम होता है। इस वजह से कार्बन का भंडारण कम होता है और यह वायुमंडल में वापस तेजी से निकल जाती है। वहीं, धीमी गति से बढ़ने वाली प्रजातियां लंबे समय तक जीवित रहती हैं और बड़ी होती हैं, जिनमें वायुमंडलीय से अधिक कार्बन को सोखने की क्षमता होती है।
चूंकि परिपक्व वनों में बहुत अधिक बायोमास होता है इसलिए वे युवा वनों की तुलना में अधिक कार्बन संग्रहित करते हैं। इन्हीं वनों के युवा पेड़ बढ़ने के लिए कार्बन का उपयोग करते हैं इसलिए वे अधिक कार्बन को अवशोषित करते हैं, जिसे वे अपने तने, पत्तियों और शाखाओं में बदल देते हैं। उष्णकटिबंधीय इलाके के पेड़ों की चार तरह की प्रजातियां पूरी शृंखला को बनाए रखती हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में पाई जाने वाली पेड़ों की प्रजातियां मुख्य रूप से धीमी गति से बढ़ने वाली प्रजातियों के दो समूहों में आती हैं। पेड़ों की औसत जीवन प्रत्याशा उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के बाहर अधिक होती है।
1,127 प्रजातियों का किया विश्लेषण
शोधकर्ताओं ने दक्षिणी ब्राजील से लेकर उत्तरी कनाडा तक पूरे अमेरिका में पेड़ों की 1,127 प्रजातियों से 32 लाख मापों का विश्लेषण किया। इसके अलावा उन्होंने 1.3 से 3,195 साल पुराने पेड़ों की जीवन प्रत्याशा का मानचित्रण भी किया। इस दौरान पेड़ों के जीवन चक्र के चार मुख्य प्रकारों की पहचान की गई।
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पहली कम जीवनकाल और छोटे आकार वाली तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियां थीं। इसके साथ ही धीमी गति से बढ़ने वाली प्रजातियों के तीन समूह इसमें शामिल थे। तीन समूहों में शामिल वाले पेड़ अधिक जीवन प्रत्याशा व छोटे आकार वाली प्रजातियां हैं। जबकि दूसरी कम जीवन प्रत्याशा और बड़े आकार वाली प्रजातियां हैं।
पेड़ों की वृद्धि और जीवनकाल कार्बन संतुलन के लिए अहम
शोधकर्ताओं का कहना है कि पेड़ों की वृद्धि और जीवनकाल धरती के कार्बन संतुलन के लिए अहम है। पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए पेड़ों की विविधता को बनाए रखना बहुत जरूरी है। शोध से यह साबित हुआ है कि चूंकि पेड़ों की अलग-अलग प्रजातियों वाले जंगल अधिक प्रभावी ढंग से कार्बन को सोख सकते हैं।
इसलिए जंगलों में पेड़ों की जैव विविधता को बढ़ावा देने से अधिक कार्बन को अवशोषित करने में मदद मिल सकती है। पेड़ों की प्रजातियों के सही मिश्रण का चयन करके ज्यादा से ज्यादा कार्बन को जमा करने और ऐसी रणनीतियां बनाई जा सकती हैं जो जलवायु में बदलाव को कम कर सकती हैं।
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चूंकि परिपक्व वनों में बहुत अधिक बायोमास होता है इसलिए वे युवा वनों की तुलना में अधिक कार्बन संग्रहित करते हैं। इन्हीं वनों के युवा पेड़ बढ़ने के लिए कार्बन का उपयोग करते हैं इसलिए वे अधिक कार्बन को अवशोषित करते हैं, जिसे वे अपने तने, पत्तियों और शाखाओं में बदल देते हैं। उष्णकटिबंधीय इलाके के पेड़ों की चार तरह की प्रजातियां पूरी शृंखला को बनाए रखती हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में पाई जाने वाली पेड़ों की प्रजातियां मुख्य रूप से धीमी गति से बढ़ने वाली प्रजातियों के दो समूहों में आती हैं। पेड़ों की औसत जीवन प्रत्याशा उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के बाहर अधिक होती है।
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1,127 प्रजातियों का किया विश्लेषण
शोधकर्ताओं ने दक्षिणी ब्राजील से लेकर उत्तरी कनाडा तक पूरे अमेरिका में पेड़ों की 1,127 प्रजातियों से 32 लाख मापों का विश्लेषण किया। इसके अलावा उन्होंने 1.3 से 3,195 साल पुराने पेड़ों की जीवन प्रत्याशा का मानचित्रण भी किया। इस दौरान पेड़ों के जीवन चक्र के चार मुख्य प्रकारों की पहचान की गई।
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पहली कम जीवनकाल और छोटे आकार वाली तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियां थीं। इसके साथ ही धीमी गति से बढ़ने वाली प्रजातियों के तीन समूह इसमें शामिल थे। तीन समूहों में शामिल वाले पेड़ अधिक जीवन प्रत्याशा व छोटे आकार वाली प्रजातियां हैं। जबकि दूसरी कम जीवन प्रत्याशा और बड़े आकार वाली प्रजातियां हैं।
पेड़ों की वृद्धि और जीवनकाल कार्बन संतुलन के लिए अहम
शोधकर्ताओं का कहना है कि पेड़ों की वृद्धि और जीवनकाल धरती के कार्बन संतुलन के लिए अहम है। पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए पेड़ों की विविधता को बनाए रखना बहुत जरूरी है। शोध से यह साबित हुआ है कि चूंकि पेड़ों की अलग-अलग प्रजातियों वाले जंगल अधिक प्रभावी ढंग से कार्बन को सोख सकते हैं।
इसलिए जंगलों में पेड़ों की जैव विविधता को बढ़ावा देने से अधिक कार्बन को अवशोषित करने में मदद मिल सकती है। पेड़ों की प्रजातियों के सही मिश्रण का चयन करके ज्यादा से ज्यादा कार्बन को जमा करने और ऐसी रणनीतियां बनाई जा सकती हैं जो जलवायु में बदलाव को कम कर सकती हैं।