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Covid 19 Delta Variant: डेल्टा ने बढ़ाया अस्थानिक गर्भावस्था का जोखिम, जान का खतरा ज्यादा

Mon, 07 Feb 2022 05:42 AM IST
देव कश्यप परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 07 Feb 2022 05:42 AM IST
सार

अस्थानिक गर्भावस्था के कारण महिलाओं में बढ़ा जान का जोखिम, कोरोना की पहली और दूसरी लहर को लेकर पहली बार किया गया अध्ययन। देश में महामारी की पहली लहर वुहान स्वरूप की वजह से आई थी सामने।

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Study Report Delta increased risk of ectopic pregnancy, increased risk of life
टीके की खुराक लेती किशोरी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना वायरस के अब तक 400 से भी ज्यादा स्वरूप पूरी दुनिया में मिल चुके हैं लेकिन इनमें से कुछ ही जन स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर हैं। इन्हीं में से एक डेल्टा स्वरूप है जिसने गर्भवती महिलाओं का जोखिम बढ़ाया दिया है। इस स्वरूप की वजह से अस्थानिक (एक्टोपिक) गर्भावस्था का खतरा तीन गुना तक बढ़ गया है जिसके चलते महिलाओं की जान पर बन आ रही है। देश में पहली आर आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने गर्भवती महिलाओं में कोरोना संक्रमण के चलते इस स्थिति का पता लगाया है।

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जर्नल ऑफ साउथ एशियन फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में प्रकाशित यह अध्ययन कोरोना की पहली और दूसरी लहर के बीच संक्रमित हुईं गर्भवती महिलाओं को लेकर किया गया है। इस अध्ययन में पता चला है कि देश में पहली लहर के दौरान सबसे अधिक वुहान स्वरूप ही मरीजों में मिल रहा था और इस स्वरूप की सबसे पहले भारत में पहचान 30 जनवरी 2020 को हुई थी।
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पहली लहर में अस्थानिक गर्भावस्था की आशंका अधिक नहीं थी, लेकिन जब वायरस के म्यूटेशन होने लगे तो एल्फा और बीटा स्वरूप में भी परिवर्तन देखने को नहीं मिला, लेकिन साल 2021 में कोरोना के डेल्टा स्वरूप की वजह से जहां आक्रामक लहर का सामना करना पड़ा। वहीं, गर्भवती महिलाओं में अस्थानिक गर्भावस्था का जोखिम नौ फीसदी से अधिक देखने को मिला। वैज्ञानिकों ने बताया कि अस्थानिक गर्भावस्था एक ऐसी अवस्था है जिसमें फर्टिलाइज एग गर्भाशय की बजाय किसी अन्य स्थान पर चला जाता है। यह स्थिति मेडिकल इमरजेंसी की कंडीशन पैदा कर सकती है।
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 आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने 1660 गर्भवती महिलाओं पर किया अध्ययन 
आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राहुल भजभिए ने अध्ययन में बताया कि मुंबई के बीवाईएल नायर अस्पताल में 1660 गर्भवती महिलाओं का चयन किया गया। कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद इन महिलाओं को पहली और दूसरी लहर में भर्ती किया गया था। प्रत्येक मरीज की केस हिस्ट्री देखने के बाद पता चला कि दूसरी लहर के दौरान जब देश में डेल्टा स्वरूप का प्रसार हुआ तो अस्थानिक गर्भावस्था का जोखिम भी 9.6 फीसदी अधिक बढ़ गया।

डॉक्टर ने बताया कि महामारी आने से पहले देश में एक हजार गर्भवती महिलाओं में से करीब 15 में अस्थानिक गर्भावस्था का जोखिम होता था। हैरानी की बात है कि जब साल 2020 में महामारी की पहली लहर आई तो उस दौरान यह जोखिम कम होकर प्रति एक हजार में से छह तक पहुंच गया।  ऐसा क्यों हुआ? इसके बारे में सटीक जानकारी नहीं है लेकिन डेल्टा की वजह से अचानक इसमें तीन गुना अधिक तेजी आई और यह प्रति एक हजार में से 18 और 19 महिलाओं में अस्थानिक गर्भावस्था का जोखिम बढ़ा। इस जोखिम की वजह से गर्भवती महिलाओं में मृत्युदर भी काफी बढ़ जाती है।


कोरोना संक्रमण घटते ही 151 जिले  रेड  जोन से बाहर 
देश में कोरोना संक्रमण घटने के साथ ही 151 जिले रेड जोन से बाहर आ गए हैं। एक सप्ताह पूर्व रेड जोन में 407 जिले शामिल थे। अब 256 जिले ही रेड जोन में हैं। पिछले एक दिन में कोरोना के दैनिक मामलों में 20 हजार से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।

29 जनवरी से चार फरवरी के बीच जिलेवार संक्रमण की स्थिति को लेकर तैयार स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट में देश के 256 जिले रेड जोन में हैं। इन जिलों में कोरोना की साप्ताहिक संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक दर्ज की गई है। एक सप्ताह पहले तक ऐसे जिलों की संख्या 407 थी। बीते सात दिनों में 151 जिले रेड जोन से बाहर आए हैं। इनके अलावा162 जिलों में कोरोना की साप्ताहिक संक्रमण दर पांच से 10 फीसदी के बीच दर्ज की गई है। बीते सप्ताह इन जिलों की संख्या 232 थी। रिपोर्ट के अनुसार देश के 352 जिलों में कोरोना का संक्रमण पांच फीसदी से नीचे पहुंच गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के तय मानकों के आधार पर देखें तो इन जिलों में कोरोना महामारी की स्थिति अब नियंत्रण में है।



 पिछले एक दिन में 1.07 लाख मामले, 865 की मौत
 रविवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक दिन में 1,07,474 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इस बीच 2 लाख 13 हजार 246 मरीजों को छुट्टी दी गई लेकिन 865 मरीजों की संक्रमण के चलते मौत हो गई। बीते शनिवार को देश में 1.27 लाख नए केस आए थे। यानी नए मामलों में करीब 20,000 की गिरावट आई है। शनिवार को 1059, जबकि शुक्रवार को 1072 लोगों की मौत हुई थी। फिलहाल, देश में कुल सक्रिय मामले घटकर 12.25 लाख रह गए हैं। महामारी की शुरुआत से अब तक देशभर में कुल 4.21 करोड़ लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं। इनमें से 4.04 करोड़ मरीज ठीक भी हुए हैं, लेकिन 5.01 लाख लोगों की संक्रमण से मौत हुई है। पिछले एक दिन में कोरोना की संक्रमण दर 7.42 फीसदी दर्ज की गई है।

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