फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Study Herd immunity weakening due to new forms of Corona ICMR revealed in investigation

अध्ययन: कोरोना के नए स्वरूपों पर कमजोर पड़ रही हर्ड इम्युनिटी, आईसीएमआर ने जांच में किया खुलासा

Tue, 02 Apr 2024 05:47 AM IST
यशोधन शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली। Published by: यशोधन शर्मा Updated Tue, 02 Apr 2024 05:47 AM IST
सार

शोधकर्ताओं ने कहा है कि भारत में मौजूदा टीका के अलावा कोरोना के नए स्वरूपों को ध्यान में  रखते हुए भी टीका विकसित होने चाहिए ताकि लोगों को पर्याप्त एंटीबॉडी बनाए रखने में मदद हो सके।

विज्ञापन
Study Herd immunity weakening due to new forms of Corona ICMR revealed in investigation
कोरोना रोधी टीका(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोरोना रोधी टीके की दो या तीन खुराक लेने वालों में छह माह बाद एंटीबॉडी यानी प्रतिरक्षा में गिरावट आ रही है। ऐसे लोग कोरोना के नए स्वरूपों का सामना करने में कमजोर हो सकते हैं और इनके संक्रमित होने की आशंका बढ़ सकती है। कोरोना के नए स्वरूपों से बचाव में यह पूरी तरह असरदार नहीं है। इनके अलावा, मौजूदा टीका केवल वुहान स्वरूप के खिलाफ लंबे समय तक सुरक्षा देने में सफल हैं लेकिन ओमिक्रॉन वंश से जुड़े वायरस के सभी स्वरूपों पर टीका का असर कम होने लगता है।

विज्ञापन


नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के 11 क्षेत्रीय संस्थानों ने मिलकर दो या तीन खुराक लेने वाले लोगों की जांच में यह खुलासा किया है। इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईजेएमआर) में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कोविशील्ड और कोवैक्सिन की दो खुराक लेने वाले कुल 88 लोगों के रक्त नमूने की जांच की है। इसी तरह कोविशील्ड और कोवैक्सिन की तीन खुराक लेने वाले 102 लोगों की छह माह बाद रक्त जांच में एंटीबॉडी का स्तर नापा। इसमें पता चला कि लोगों की एंटीबॉडी वुहान स्वरूप यानी बी.1 से बचाव में पूरी तरह सक्षम हैं लेकिन ओमिक्रॉन की वंशावली से जुड़े स्वरूपों पर यह ज्यादा दिन तक असरदार नहीं है।
विज्ञापन


उदाहरण के तौर पर ओमिक्रॉन के उप स्वरूप बीए 5.2 पर मौजूदा टीका का असर छह माह बाद पांच से छह गुना तक कम हो रहा है। बीएफ.7 उप स्वरूप पर यह असर 11 से 12 और बीक्यू.1 उप स्वरूप पर यह 12 गुना कम है। इतना ही नहीं, जिन लोगों ने कोरोना टीका की दो या तीन खुराक ली हैं उनमें छह माह बाद एंटीबॉडी का स्तर इतना कम हो रहा है कि वह एक्सबीबी.1 स्वरूप से संक्रमित होते हैं तो उनके फिर से संक्रमित होने की आशंका काफी बढ़ जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नए स्वरूपों के अनुरूप विकसित हो टीका
शोधकर्ताओं ने कहा है कि भारत में मौजूदा टीका के अलावा कोरोना के नए स्वरूपों को ध्यान में  रखते हुए भी टीका विकसित होने चाहिए ताकि लोगों को पर्याप्त एंटीबॉडी बनाए रखने में मदद हो सके। अभी तक वुहान स्वरूप के आधार पर टीका तैयार हुए हैं और इनकी एंटीबॉडी अधिकतम छह महीने तक ही टिक पा रही हैं। भारत में अभी भी ऐसे कई मामले हैं जो टीका लेने के बाद भी संक्रमण की चपेट में आए हैं। हालांकि इनमें एंटीबॉडी मौजूद रहने से वायरस की गंभीरता और जानलेवा स्थिति में सुधार जरूर आया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed