फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Study Forests spread over 21,672 hectares in India lost during 2023

अध्ययन: धरती से हर मिनट गायब हो रहे 10 फुटबाल मैदानों के बराबर जंगल, 2023 में भारत में इतने जंगलों का नुकसान

Sun, 07 Apr 2024 07:47 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Sun, 07 Apr 2024 07:47 AM IST
सार

वैश्विक स्तर पर कुल मिलाकर जंगलों का सबसे ज्यादा विनाश ब्राजील में हो रहा है। हालांकि, पर्यावरण जागरूकता के बाद अब स्थिति में तेजी से बदलाव आ रहा है। इसके बाद डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और बोलीविया क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

विज्ञापन
Study Forests spread over 21,672 hectares in India lost during 2023
जंगल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुनिया हर मिनट औसतन 10 फुटबाल मैदान के आकार के बराबर उष्णकटिबंधीय जंगलों को खो रही है। वर्ष 2023 के दौरान दुनियाभर में 37 लाख हेक्टेयर में फैले जंगल नष्ट हो गए। यह आकार में करीब-करीब भूटान के बराबर हैं। यह जानकारी मैरीलैंड विश्वविद्यालय और वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट के ग्लोबल फॉरेस्ट वॉच की रिपोर्ट में सामने आई है। इसके मुताबिक, भारत में 2023 के दौरान 21,672 हेक्टेयर जंगलों का विनाश हुआ।

विज्ञापन


अध्ययन में शोधकर्ताओं ने तेजी से किए जा रहे वन विनाश और कार्बन स्टोर करने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए उष्णकटिबंधीय जंगलों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया है। इसके साथ ही जंगलों को हो रहे नुकसान के लिए जिम्मेदार कारकों जैसे कृषि, वनों की बेतहाशा कटाई और आग की वजह से हो रही तबाही जैसे कारणों पर ध्यान दिया है।
विज्ञापन


सबसे ज्यादा विनाश ब्राजील में
वैश्विक स्तर पर कुल मिलाकर जंगलों का सबसे ज्यादा विनाश ब्राजील में हो रहा है। हालांकि, पर्यावरण जागरूकता के बाद अब स्थिति में तेजी से बदलाव आ रहा है। इसके बाद डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और बोलीविया क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। हालांकि, ब्राजील के विपरीत इन दोनों देशों में 2023 के दौरान वन विनाश में ज्यादा वृद्धि देखी गई है। कांगो ने 2023 में पांच लाख हेक्टेयर से अधिक प्राथमिक वर्षावन खो दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत में बढ़ रहा नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 के दौरान भारत में 21,672 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले प्राथमिक जंगलों की हानि हुई है। 2022 में यह नुकसान 21,839 हेक्टेयर दर्ज किया गया था। 2001 से 2023 के दौरान भारत ने 23.3 लाख हेक्टेयर में फैले जंगल खो दिए हैं। यह 2000 के बाद से वृक्ष आवरण में आई छह फीसदी की गिरावट के बराबर है। 2013 से 2023 के बीच भारत में वृक्ष आवरण को हुआ 95 फीसदी नुकसान प्राकृतिक जंगलों के भीतर हुआ है। इसमें अवैध कटाई और जंगल में लग रही आग की प्रमुख भूमिका रही है।

ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ रहा
वैश्विक स्तर पर जिस तरह से इन जंगलों का सफाया हो रहा है और भूमि उपयोग में बदलाव आ रहा है वह ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में भारी वृद्धि कर रहा है। 2023 में वन क्षेत्रों को जितनी हानि हुई है वह करीब 240 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के बराबर है। यह उत्सर्जन अमेरिका में जीवाश्म ईंधन से हो रहे वार्षिक उत्सर्जन का करीब-करीब आधा है।


लक्ष्य से भटकी दुनिया 
रिपोर्ट के अनुसार,  हालांकि 2022 की तुलना में 2023 के दौरान वन विनाश में नौ फीसदी की गिरावट आई है, इसके बावजूद सालाना जिस रफ्तार से सदियों से संजोए जंगल नष्ट हो रहे हैं वह स्पष्ट तौर पर दर्शाता है कि हम 2030 तक जंगलों को बचाने की राह से भटक चुके हैं। गौरतलब है कि दुनियाभर के 144 देश के नेताओं ने ग्लासगो में हुए कॉप-26 के दौरान 2030 तक इन जंगलों को बचाने की प्रतिज्ञा की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed