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Hindi News ›   India News ›   Students to study socialism, secularism, and democracy; NCERT exposes misleading reports.

NCERT: समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के बारे में पढ़ेंगे छात्र, एनसीईआरटी ने भ्रामक खबरों की खोली पोल

Sat, 27 Jun 2026 03:18 PM IST
Asmita Tripathi एनएनआई, नई दिल्ली
एनएनआई, नई दिल्ली Published by: Asmita Tripathi Updated Sat, 27 Jun 2026 03:18 PM IST
सार

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में आपातकाल, चुनाव आयोग और भारतीय ज्ञान परंपरा  शामिल किया है। परिषद ने स्पष्ट किया कि संविधान की प्रस्तावना नहीं हटाई गई है। नए पाठ्यक्रम के तहत विषयों को अलग-अलग कक्षाओं में पुनर्गठित किया गया है।

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Students to study socialism, secularism, and democracy; NCERT exposes misleading reports.
एनसीईआरटी - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद  यानी एनसीईआरटी ने कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की किताब कई बदलाव किए हैं। इनमें आपातकाल, चुनाव आयोग और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विषयों को शामिल किया गया। इसके साथ ही मनुस्मृति के एक श्लोक का भी इसमें उल्लेख किया गया है। वहीं, एनसीईआरटी के सूत्रों ने बताया कि नई किताब में  प्रस्तावना हटाए जाने के दावे भ्रामक हैं।

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प्रस्तावना हटाए जाने के दावे भ्रामक
एनसीईआरटी के सूत्रों ने एएनआई को बताया कि कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से प्रस्तावना हटाए जाने के दावे भ्रामक हैं। नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे के तहत पाठ्यक्रम को पुनर्गठित किया गया है, इसलिए विषयों को एक ही पाठ्यपुस्तक में शामिल करने के बजाय विभिन्न कक्षाओं में विभाजित किया गया है।

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प्रस्तावना सभी नई एनसीईआरटी किताबों में मौजूद
एनसीईआरटी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावना सभी नई एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के शुरुआती पृष्ठों में मौजूद है, जिनमें सभी सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकें भी शामिल हैं। यह कक्षा 10 के पाठ्यक्रम का भी हिस्सा है। उनका यह भी कहना है कि धर्मनिरपेक्षता, न्याय, स्वतंत्रता और समाजवाद सहित संवैधानिक मूल्यों को कक्षा 6 से 8 तक, विशेष रूप से कक्षा 7 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में पहले ही शामिल किया जा चुका है और कक्षा 10 में इन पर अधिक विस्तार से चर्चा की जाएगी। 

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न्यायपालिका को लेकर एनसीईआरटी ने क्या बदलाव किया
बता दें कि एनसीईआरटी  की नई कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका को एक निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्था बताया गया है, जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है और संविधान की भावना को बनाए रखती है। हालांकि, यह नई पाठ्यपुस्तक उस विवाद से पहले तैयार की गई थी, जो कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका से जुड़े एक अध्याय को लेकर सामने आया था नई किताब में लोकतंत्र से जुड़े अध्याय में न्यायपालिका की विभिन्न जिम्मेदारियों का उल्लेख किया गया है।



इसमें कहा गया है कि न्यायपालिका कार्यपालिका के फैसलों और संवैधानिक संशोधनों की समीक्षा करती है। यदि कोई कानून संविधान के अनुरूप नहीं होता, तो उसे निरस्त भी कर सकती है। पुस्तक में यह भी बताया गया है कि न्यायपालिका संविधान की रक्षा करती है और समाज के सभी वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।

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