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लेडी डॉन शाइस्ता की कहानी: पिता कॉन्स्टेबल थे, अतीक के घर ले गए थे बेटी का रिश्ता, चमक गई थी माफिया की किस्मत

Thu, 20 Apr 2023 05:07 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Thu, 20 Apr 2023 05:07 PM IST
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सार
Atiq Ahmed Wife Shaista Parveen:  आज हम शाइस्ता की पूरी कहानी बताएंगे। कैसे एक पुलिस कॉन्सटेबल की बेटी सूबे की सबसे बड़ी लेडी डॉन बन गई। कैसे अतीक से उसकी शादी हुई? कैसे उसने अतीक के गैंग और कारोबार को चलाया? आइए जानते हैं... 
 
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Story Of Lady Don Shaista Parveen Wife Of Mafia Atiq Ahmed News in Hindi
अतीक अहमद और शाइस्ता परवीन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन को पुलिस अब तक नहीं तलाश सकी है।  उमेश पाल हत्याकांड की आरोपी शाइस्ता पर 50 हजार का इनाम है। बेटे के एनकाउंटर, पति और देवर की हत्या के बाद भी शाइस्ता सामने नहीं आई। 


एसटीएफ प्रयागराज से लेकर मुंबई और दिल्ली तक उसकी तलाश कर रही है। आज हम इसी शाइस्ता की पूरी कहानी बताएंगे। कैसे एक पुलिस कॉन्सटेबल की बेटी सूबे की सबसे बड़ी लेडी डॉन बन गई। कैसे अतीक से उसकी शादी हुई? कैसे उसने अतीक के गैंग और कारोबार को चलाया? आइए जानते हैं... 

 

अतीक अहमद और शाइस्ता परवीन
अतीक अहमद और शाइस्ता परवीन - फोटो : अमर उजाला
पिता पुलिस कॉन्सटेबल, भाई मदरसे का प्रिंसिपल रहा 
शाइस्ता के पिता फारूख यूपी पुलिस में कॉस्टेबल थे। साल 1972 की बात है। प्रयागराज का दामुपुर गांव में शाइस्ता का जन्म हुआ। चार बहनों और दो भाइयों में शाइस्ता सबसे बड़ी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, शाइस्ता बचपन से ही पिता के साथ थानों में बने सरकारी पुलिस क्वार्टर में रही। लंबे समय तक वह प्रतापगढ़ में रही। यहीं उसने अपनी काफी पढ़ाई भी पूरी की। उसके भाई-बहन भी साथ पढ़ते थे। उसके दो भाइयों में से एक मदरसे में प्रिंसिपल रहा है। 

शाइस्ता पढ़ी-लिखी है। उसने स्नातक किया है। इसके अलावा छोटी उम्र से ही वह घर की जिम्मेदारी भी निभाने लगी थी। बताया जाता है कि साल 1996 में जब शाइस्ता 24 साल की थी, तब उसके पिता अतीक के घर रिश्ता लेकर गए थे। उस वक्त अतीक की गिनती प्रदेश के बड़े माफियाओं में होती थी। वह तीन बार (1989,1991,1993) में निर्दलीय विधायक चुना जा चुका था। 



शाइस्ता के बारे में सुनकर अतीक ने भी रिश्ता मंजूर कर लिया। दोनों की शादी हुई। इसके बाद अतीक को समाजवादी पार्टी में भी एंट्री मिल गई। वह सपा के टिकट पर 1996 में चौथी बार विधायक चुना गया। इसके बाद 2002 में पांचवीं बार वह विधायक चुना गया। 2004 में वह फूलपुर से सांसद भी निर्वाचित हुआ। 
 

शाइस्ता परवीन
शाइस्ता परवीन - फोटो : सोशल मीडिया
पांच बच्चे हुए, शाइस्ता ने घर के साथ कारोबार में भी दखल देना शुरू कर दिया  
अतीक और शाइस्ता के कुल पांच बच्चे हुए। सबसे बड़ा बेटा उमर, फिर अली, असद और दो नाबालिग बेटे। इसमें असद का एनकाउंटर हो गया है। वहीं उमर और अली जेल में बंद हैं। दोनों नाबालिग बेटे बाल सुधार गृह में हैं। बताया जाता है कि शुरुआत में शाइस्ता ने केवल घर और परिवार संभाला।

 2005 में जब बसपा विधायक राजू पाल की हत्या हुई तो पूरे देश में इसकी चर्चा होने लगी। मायावती ने मुख्यमंत्री बनते ही अतीक और उसके भाई अशरफ पर कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद शाइस्ता भी अतीक के गैंग और कारोबार में सक्रिय हो गई। 
 

Prayagraj News :  शाइस्ता परवीन की वायरल फोटो।
Prayagraj News : शाइस्ता परवीन की वायरल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
अतीक-अशरफ जेल गया, दो बेटों पर भी पुलिस का शिकंजा कस गया 
2012 में सरकार बदली तो अतीक जेल से बाहर आया। सपा की सरकार बनी तो दोबारा वही रौब दिखने लगा। 2014 में सपा ने उसे श्रावस्ती से चुनाव लड़वाया, लेकिन वह हार गया। 2016 में अखिलेश यादव से विवाद हुआ तो उन्होंने टिकट काट दिया। 2017 में भाजपा की सरकार बनते ही अतीक के बुरे दिन शुरू हो गए। उस वक्त बड़े बेटे की उम्र करीब 18 वर्ष हो चुकी थी।

2018 में अतीक ने जेल से ही फूलपुर लोकसभा का उपचुनाव लड़ने का फैसला किया। तब पहली बार शाइस्ता परवीन प्रचार के लिए घर से बाहर निकली थी। प्रचार की कमान शाइस्ता ने अपने बड़े बेटे उमर के हाथ दे रखी थी। वहीं, लालगोपालगंज से लेकर फूलपुर तक की हर सभा में भाषण देता। हालांकि अतीक चुनाव हार गया। 
बाद में बेटे पर अपहरण और जेल में बिल्डर की पिटाई का आरोप लगा। बेटा फरार हो गया। पुलिस ने दो लाख का इनामी बना दिया। 31 जुलाई 2022 को उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वो इस वक्त लखनऊ जेल में बंद है।

अतीक और अशरफ पहले से ही जेल में थे। उमर के जेल जाने के बाद अतीक का रसूख कम होने लगा। इसके बाद अतीक के पूरे परिवार ने राजनीति में आने का तय किया। साल 2021 में अतीक के परिवार ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम जॉइन कर ली।
 
2022 के विधानसभा चुनाव में शाइस्ता को एआईएमआईएम से टिकट मिलता, इसके पहले उसके दूसरे बेटे अली पर एक रिश्तेदार से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप लग गया। अली फरार हुआ तो टिकट भी कट गया। इस वक्त अली भी नैनी सेंट्रल जेल में बंद है। 
 

Prayagraj News :  मां शाइस्ता परवीन के साथ असद अहमद। फाइल फोटो
Prayagraj News : मां शाइस्ता परवीन के साथ असद अहमद। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
पति और बेटों के जेल जाने के बाद शाइस्ता और असद ने संभाली गैंग  
अतीक और दोनों बेटों के जेल जाने के बाद शाइस्ता ने गैंग और कारोबार संभालना शुरू कर दिया। छोटा बेटा असद भी सक्रिय हो गया। दोनों मिलकर प्रयागराज से लेकर कई जिलों के बिल्डर्स और व्यापारियों को धमकाकर रंगदारी मांगते थे। जेल से अतीक प्लान बनाता था और उसे बाहर शाइस्ता और असद कामयाब बनाते थे। 

शाइस्ता भी राजनीति में अलग मुकाम बनाना चाहती थी, यही कारण है कि पांच जनवरी 2023 को उसने बसपा की सदस्यता ले ली। इसके बाद वो बसपा के टिकट से मेयर की उम्मीदवारी की तैयारी करने लगी। शाइस्ता को पूरी उम्मीद थी कि बसपा के टिकट पर वह प्रयागराज की मेयर बन जाएगी। 

उसने चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। लेकिन फरवरी में उमेश पाल का मर्डर हो गया। इसका आरोप अतीक और उसके परिवार पर लगा। शाइस्ता भी इसमें आरोपी बनाई गई। इसके बाद बसपा ने शाइस्ता को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। 
 

Prayagraj News : अतीक अहमद और शाइस्ता परवीन। फाइल फोटो
Prayagraj News : अतीक अहमद और शाइस्ता परवीन। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
उमेश के मर्डर की पूरी प्लानिंग शाइस्ता ने ही की
अतीक ने साबरमती जेल से उमेश पाल की हत्या के लिए हरी झंडी दिखाई। इसके बाद शाइस्ता ने ही हत्या की प्लानिंग में अतीक की मदद की। इसके लिए शाइस्ता ने साबरमती जेल जाकर अतीक से मुलाकात भी की थी। इस दौरान एक पुलिसवाले की मदद से शाइस्ता ने अतीक को एक फोन दिया। 

फोन से ही अतीक ने उमेश पाल की हत्या की पूरी प्लानिंग कर दी। शूटर्स और बाकी चीजों के लिए शाइस्ता ने जिम्मेदारी संभाल ली। अतीक ने जब शूटर्स तय कर लिए तो शाइस्ता ने उनके साथ बैठक भी की। इसका एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें शाइस्ता और शूटर्स एक साथ दिख रहे हैं। असद को उमेश पाल की हत्या के दौरान वहीं मौजूद रहने को कहा गया था। 

प्रयागराज के बिल्डर जीशान ने कुछ दिनों पहले ही अतीक और शाइस्ता को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं। जीशान का कहना है कि शाइस्ता अतीक अहमद से ज्यादा खूंखार है। वह बहुत शातिर है। जीशान ने कहा कि शाइस्ता ने कई लोगों को धमकी देकर रंगदारी मांगी। अगर कोई मना करता तो उसे अलग-अलग तरह से प्रताड़ित भी कराती है।
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