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Politics: अवैज्ञानिक सुरंग सड़क परियोजना में करदाताओं का पैसा बर्बाद ना करें, सिद्धारमैया से बोले भाजपा सांसद
Mon, 27 Jan 2025 04:57 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 27 Jan 2025 04:57 PM IST
सार
Politics: भाजपा नेता और बंगलूरू दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से कहा है कि वे अवैज्ञानिक सुरंग सड़क परियोजना में करदाताओं का पैसा बर्बाद करना बंद करें। उन्होंने ये टिप्पणी परियोजना की खराब डिजाइन को लेकर की है।
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सीएम सिद्धारमैया / तेजस्वी सूर्या, भाजपा सांसद
- फोटो : ANI
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विस्तार
भाजपा नेता और बंगलूरू दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोमवार को राज्य सरकार से पूछा कि वह टनल रोड परियोजना के संबंध में करदाताओं का पैसा क्यों बर्बाद कर रही है। इसे 'अवैज्ञानिक' बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना का डिजाइन खराब है और इससे बंगलूरू के यातायात संकट को हल करने का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। दरअसल, कुछ दिन पहले, मीडिया में यह खबर आई थी कि कर्नाटक सरकार ने केआर.पुरम और नयनदहल्ली के बीच 28 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित दूसरे टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए टेंडर आमंत्रित की थीं।
'सुरंग सड़क परियोजना का डिजाइन खराब'
भाजपा सांसद ने सोशल मीडिया एक्स पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को टैग करते हुए लिखा- सुरंग सड़क के हेब्बल-सिल्क बोर्ड खंड की 'घटिया डीपीआर और व्यवहार्यता रिपोर्ट' के लिए सरकार को पहले ही मिल चुकी आलोचना की ओर इशारा किया। उनके अनुसार, पहले डीपीआर में लागत बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई थी, डेटा में बुनियादी त्रुटियां थीं, अशुद्धियां थीं और यहां तक कि जबरदस्त कॉपी-पेस्ट भी किया गया था।' उन्होंने आगे लिखा- 'यह एक ऐसी कवायद है जो करदाताओं के पैसे की एक और बर्बादी है। सुरंग सड़क परियोजना का डिजाइन खराब है, इसे ठीक से नहीं सोचा गया है और यह बंगलूरू के यातायात संकट को हल करने के उद्देश्य को नहीं हासिल करेगी।'
'DPR ने बंगलूरू के मास्टर प्लान 2031 की भी अवहेलना की'
सूर्या ने कहा कि डीपीआर ने बंगलूरू के मास्टर प्लान 2031 की भी अवहेलना की है, जो सार्वजनिक परिवहन को अधिक महत्व देता है, जैसे बीएमटीसी बेड़े को 15,000 बसों तक विस्तारित करना। उन्होंने कहा, 'यह टनल रोड को मेट्रो चरण 2बी और 3ए जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ संरेखित करने में भी विफल रहा। प्रस्तावित 61 महीने की निर्माण समयसीमा शहर की चल रही और नियोजित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर विचार नहीं करती है, जिससे खोदी गई सड़कों के कारण पहले से ही तंग शहर में महत्वपूर्ण व्यवधान पैदा होने का जोखिम है।' उनके अनुसार, टनल रोड के 1 कॉरिडोर के लिए बीबीएमपी के 15,000 करोड़ रुपये के अनुमान से मुख्य रूप से केवल 25 प्रतिशत वाहन - चार पहिया वाहन ही चलेंगे जो टोल का भुगतान कर सकते हैं।
जल्दबाजी में परियोजना को पूरा कर रही सरकार- सूर्या
उन्होंने कहा, 'हमने देखा है कि परियोजना योजना में इंटरमॉडल हब में शॉपिंग मॉल को शामिल करने से पता चलता है कि यातायात प्रबंधन की जरूरतों के बजाय रियल एस्टेट विकास हित प्रमुख डिजाइन निर्णयों को प्रभावित कर रहे थे।' उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार परियोजना को जल्दबाजी में पूरा कर रही है। भाजपा सांसद ने कहा, 'आईआईएससी (भारतीय विज्ञान संस्थान) के प्रोफेसर आशीष वर्मा की तरफ से किए गए विश्लेषण से पता चला है कि मेट्रो विकास से यातायात की भीड़ कम होती है, लेकिन सुरंग वाली सड़कें वाहनों की आवाजाही को बढ़ाने का जोखिम उठाती हैं और लंबे समय में भीड़भाड़ को कम नहीं करती हैं।' सूर्या ने सुझाव दिया कि सरकार को बंगलूरू के लिए सुरंग सड़क की इस 'अवैज्ञानिक' कोशिश को रोकना चाहिए। उन्होंने कहा, 'इसके बजाय, उन पहलों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो वास्तव में बंगलूरू के निवासियों की सेवा करती हों।'
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'सुरंग सड़क परियोजना का डिजाइन खराब'
भाजपा सांसद ने सोशल मीडिया एक्स पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को टैग करते हुए लिखा- सुरंग सड़क के हेब्बल-सिल्क बोर्ड खंड की 'घटिया डीपीआर और व्यवहार्यता रिपोर्ट' के लिए सरकार को पहले ही मिल चुकी आलोचना की ओर इशारा किया। उनके अनुसार, पहले डीपीआर में लागत बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई थी, डेटा में बुनियादी त्रुटियां थीं, अशुद्धियां थीं और यहां तक कि जबरदस्त कॉपी-पेस्ट भी किया गया था।' उन्होंने आगे लिखा- 'यह एक ऐसी कवायद है जो करदाताओं के पैसे की एक और बर्बादी है। सुरंग सड़क परियोजना का डिजाइन खराब है, इसे ठीक से नहीं सोचा गया है और यह बंगलूरू के यातायात संकट को हल करने के उद्देश्य को नहीं हासिल करेगी।'
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Unfazed by the criticism it received for the shoddy DPR & feasibility report of the Hebbal-Silk Board Tunnel Road, Karnataka Govt has now brought out a tender for a consultant to prepare the DPR for the other KR Pura - Nayandahalli.
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This is an exercise which is yet another waste… pic.twitter.com/iwWgXr0G6B— Tejasvi Surya (@Tejasvi_Surya) January 27, 2025
'DPR ने बंगलूरू के मास्टर प्लान 2031 की भी अवहेलना की'
सूर्या ने कहा कि डीपीआर ने बंगलूरू के मास्टर प्लान 2031 की भी अवहेलना की है, जो सार्वजनिक परिवहन को अधिक महत्व देता है, जैसे बीएमटीसी बेड़े को 15,000 बसों तक विस्तारित करना। उन्होंने कहा, 'यह टनल रोड को मेट्रो चरण 2बी और 3ए जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ संरेखित करने में भी विफल रहा। प्रस्तावित 61 महीने की निर्माण समयसीमा शहर की चल रही और नियोजित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर विचार नहीं करती है, जिससे खोदी गई सड़कों के कारण पहले से ही तंग शहर में महत्वपूर्ण व्यवधान पैदा होने का जोखिम है।' उनके अनुसार, टनल रोड के 1 कॉरिडोर के लिए बीबीएमपी के 15,000 करोड़ रुपये के अनुमान से मुख्य रूप से केवल 25 प्रतिशत वाहन - चार पहिया वाहन ही चलेंगे जो टोल का भुगतान कर सकते हैं।
जल्दबाजी में परियोजना को पूरा कर रही सरकार- सूर्या
उन्होंने कहा, 'हमने देखा है कि परियोजना योजना में इंटरमॉडल हब में शॉपिंग मॉल को शामिल करने से पता चलता है कि यातायात प्रबंधन की जरूरतों के बजाय रियल एस्टेट विकास हित प्रमुख डिजाइन निर्णयों को प्रभावित कर रहे थे।' उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार परियोजना को जल्दबाजी में पूरा कर रही है। भाजपा सांसद ने कहा, 'आईआईएससी (भारतीय विज्ञान संस्थान) के प्रोफेसर आशीष वर्मा की तरफ से किए गए विश्लेषण से पता चला है कि मेट्रो विकास से यातायात की भीड़ कम होती है, लेकिन सुरंग वाली सड़कें वाहनों की आवाजाही को बढ़ाने का जोखिम उठाती हैं और लंबे समय में भीड़भाड़ को कम नहीं करती हैं।' सूर्या ने सुझाव दिया कि सरकार को बंगलूरू के लिए सुरंग सड़क की इस 'अवैज्ञानिक' कोशिश को रोकना चाहिए। उन्होंने कहा, 'इसके बजाय, उन पहलों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो वास्तव में बंगलूरू के निवासियों की सेवा करती हों।'