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गुजरात: अनुसूचित जाति के व्यक्ति की बरात पर पथराव, नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
Wed, 24 Feb 2021 06:29 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, बायद
पीटीआई, बायद
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 24 Feb 2021 06:29 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
देश में अनुसूचित जाति की सुरक्षा के लिए कितने भी कठोर कानून क्यों न बना दिए गए हों लेकिन उनके खिलाफ भेदभाव के मामले कम नहीं हो रहे हैं। ताजा वाकया है गुजरात के अरवल्ली जिले की जहां शादी के लिए जा रहे अनुसूचित जाति के युवक की बरात में शामिल लोगों पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर पथराव किया। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि ये लोग दूल्हे के कुछ रिश्तेदारों के सिर पर परंपरागत साफा पहनने और संगीत बजाए जाने से नाराज थे।
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अंबालियारा पुलिस थाने के निरीक्षक आर एम दामोर ने बताया कि यह घटना तब हुई जब मंगलवार शाम को बायद कस्बे के निकट लिंच गांव में बरात शादी के लिये जा रही थी। उन्होंने बताया कि घटना के बाद राजपूत समुदाय के नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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दुल्हन के एक रिश्तेदार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत को उद्धृत करते हुए अधिकारी ने कहा कि बरात जब गांव में पहुंची तो लिंच के कुछ लोगों ने कथित तौर पर उस पर पथराव किया।
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साफा पहनने से नाराज थे आरोपी
अधिकारी ने कहा कि आरोपियों ने बरात में शामिल अनुसूचित जाति के पुरुषों और महिलाओं के साफा पहनने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कथित तौर पर बरात पर पथराव किया और जातिगत टिप्पणियां भी कीं।
प्राथमिकी के मुताबिक शिकायतकर्ता और परिवार के अन्य सदस्यों ने आरोपियों से इसकी वजह जाननी चाही और पथराव रोकने का अनुरोध किया, एक आरोपी ने इस पर कथित तौर से दुल्हन के एक रिश्तेदार पर हमला कर दिया।
दामोर ने कहा कि आरोपियों ने कथित तौर पर वर पक्ष को शादी के दौरान साफा न बांधने और डीजे सिस्टम पर संगीत न बजाने को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी भी दी।
उन्होंने कहा कि नौ लोगों के खिलाफ दंगा, हमला, आपराधिक धमकी देने का मामला भादंसं और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।