गोवा: मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बरकरार, राणे और सावंत के बीच भाजपा हाईकमान लेगा फैसला
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विश्वजीत राणे सीएम बनने की इच्छा पार्टी नेताओं के सामने पहले ही रख चुके हैं। 2019 में भी जब मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद गोवा में नया मुख्यमंत्री बनाया जा रहा था, तब विश्वजीत राणे ने अपनी दावेदारी पेश की थी। लेकिन बाद में विश्वजीत को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था...
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गोवा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। राज्य में सत्ताधारी भाजपा ने 40 सीटों में 20 सीटें जीतकर प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। सरकार बनाने के लिए भाजपा को तीन निर्दलीय विधायकों के अलावा दो एमजीपी के विधायकों का समर्थन भी हासिल हैं। लेकिन इस बीच सरकार बनाने को लेकर पार्टी के भीतर ही खींचतान शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, भाजपा के दो केंद्रीय पर्यवेक्षक सोमवार शाम को गोवा के लिए रवाना हो सकते हैं। दोनों नेता नई सरकार के गठन और राज्य का मुख्यमंत्री किसे बनाया जाए, इस संबंध में फैसला करेंगे।
दरअसल, शनिवार को भाजपा विधायक विश्वजीत राणे की राज्यपाल से हुई मुलाकात के बाद से ही गोवा की राजनीति में हलचल शुरू हो गई हैं। हालांकि राणे ने इस मुलाकात को बेहद निजी बताया है। राणे की मुलाकात के बाद प्रमोद सावंत ने भी भाजपा विधायकों के साथ एक बैठक भी। इस बैठक में 20 में से 17 विधायक शामिल हुए।
विश्वजीत राणे की पत्नी दिव्या राणे भी भाजपा परवेम विधानसभा सीट से विधायक हैं। दिव्या ने रविवार को गोवा के मराठी भाषी अखबार में एक पूरे पेज का विज्ञापन छपवाया था। इसमें भाजपा के सीएम प्रमोद सावंत का चेहरा ही गायब था और उस पोस्टर में लिखा था। ‘गोवा के इतिहास में ऐसा कभी नहीं...'गोवा राज्य की स्थापना से लेकर अब तक ऐसा नहीं हुआ कि कोई उम्मीदवार किसी भी पार्टी का 13,943 वोट के अंतर से जीत दर्ज करे'। परवेम से भाजपा उम्मीदवार दिव्या विश्वजीत राणे ने ये कीर्तिमान हासिल किया है, महिला शक्ति का उदय हुआ है।’
विश्वजीत राणे जता चुके हैं सीएम बनने की इच्छा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विश्वजीत राणे सीएम बनने की इच्छा पार्टी नेताओं के सामने पहले ही रख चुके हैं। 2019 में भी जब मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद गोवा में नया मुख्यमंत्री बनाया जा रहा था, तब विश्वजीत राणे ने अपनी दावेदारी पेश की थी। लेकिन बाद में विश्वजीत को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था। विश्वजीत के पिता प्रताप सिंह राणे कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं और नौ बार लगातार विधायक रह चुके हैं और तीन बार मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं, लेकिन इस चुनाव में राणे और उनकी पत्नी दिव्या बहुत अधिक अंतर से जीत हासिल की है।
15 मार्च को होगी विधायकों की शपथ
गोवा में मुख्यमंत्री कौन होगा, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। इस बीच, गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई नवनिर्वाचित विधायकों को 15 मार्च को शपथ ग्रहण करवाएंगे। इसके लिए विधानसभा का सत्र बुलाया गया है। नवनिर्वाचित विधायक गणेश गांवकर को 14 मार्च को राज्यपाल राजभवन में प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ दिलाएंगे। इसके बाद गांवकर अन्य विधायकों के लिए शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करेंगे।
जानकारी के अनुसार, भाजपा के दो केंद्रीय पर्यवेक्षक सोमवार शाम को गोवा के लिए रवाना हो सकते हैं। दोनों नेता नई सरकार के गठन और राज्य का मुख्यमंत्री किसे बनाया जाए, इस संबंध में फैसला करेंगे। हालांकि इससे पहले मुख्यमंत्री सावंत ने कहा था, मैं भाजपा का एक सिपाही हूं और पार्टी ने मुझे एक जनरल के रूप में लड़ाई लड़ने का मौका दिया। (नेतृत्व के बारे में) कोई चर्चा नहीं हुई है। संसदीय बोर्ड इसका फैसला करेगा।