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महाराष्ट्र में भी शुरू हुई मूर्ति की राजनीति, छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा छोटी करने पर बवाल
ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
Updated Wed, 07 Mar 2018 09:41 PM IST
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त्रिपुरा में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद देश में शुरू हुई प्रतिमा तोड़ने की घटनाओं के बीच महाराष्ट्र में भी पुतले की राजनीति शुरू हो गई है।
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बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा में छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक का मुद्दा उठा। कांग्रेस ने अरब सागर में बनाए जाने वाले स्मारक में शिवाजी महाराज की प्रतिमा छोटी करने का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल किया।
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विधानसभा में एनसीपी के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि अरब सागर में छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक बनाया जाने वाला है। सरकार ने कहा था कि यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा लगाई जाएगी लेकिन, स्मारक में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा 160 मीटर से घटाकर 126 मीटर कर दिया गया है।
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उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने पुतले की ऊंचाई 126 फुट कम क्यों की। इस मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भी सरकार की नीयत पर सवाल उठाया। इस मुद्दे पर भारी हंगामे के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के आरोप को निराधार बताया।
उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा होगी। प्रतिमा की ऊंचाई 160 मीटर होगी जबकि जहां प्रतिमा लगाई जाएगी उसका चबूतरा 32 मीटर होगा। लेकिन, कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि सरकार ने प्रतिमा की ऊंचाई घटाकर चबूतरे की ऊंचाई 84 मीटर करने का प्रस्ताव किया है। यह छत्रपति शिवाजी महाराज का महत्व कम करने का प्रयास है जो सहन नहीं किया जाएगा।