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एसएससी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में मास्टरमाइंड समेत दो को सीबीआई ने गिरफ्तार किया
Thu, 06 Jun 2019 09:05 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Thu, 06 Jun 2019 09:05 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सीबीआई ने कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय भर्ती (एसएससी सीजीएल) परीक्षा-2017 का ऑनलाइन प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के अलावा सीबीआई ने इस मामले की जांच के दौरान दिल्ली में एक जगह और गाजियाबाद में तीन जगह छापेमारी करते हुए घोटाले से जुड़े कागजात और सबूत भी बरामद किए हैं।
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सीबीआई ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किए गए संदीप माथुर, धर्मेन्द्र और अक्षय कुमार मलिक को दिल्ली में विशेष सीबीआई जज के सामने पेश किया। अदालत ने सीबीआई को पूछताछ के लिए 10 जून तक तीनों आरोपियों का रिमांड लेने की अनुमति दे दी है। सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, अक्षय कुमार मलिक प्रश्न पत्र लीक करने की योजना का मास्टरमाइंड है, जबकि हिरासत में लिए गए दो अन्य आरोपी संदीप माथुर व धर्मेंद्र इस काम में अक्षय का साथ देते थे।
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अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने 22 अप्रैल 2018 को इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिनमें सिफी टेकभनोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के 10 कर्मचारी भी शामिल हैं। अभी इस मामले में कई अन्य गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं।
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2017 का है पूरा मामला
एसएससी ने अगस्त 2017 में संयुक्त स्नातक स्तर (सीजीएल) टियर-1 परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की थी। इसमें पास होने वालों को 21 फरवरी, 2018 को सीजीएल टियर-2 परीक्षा में शामिल किया गया था। इस ऑनलाइन परीक्षा का आयेजन एसएससी ने नोएडा की सिफी टेकभनोलॉजीज को सौंपा था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र और उसकी आंसर-की सोशल मीडिया पर लीक हो गई थी।
कंप्यूटरों को रिमोट पर लेकर बताए गए थे उत्तर
प्रश्न पत्र लीक के आरोप लगने पर सीबीआई को जांच सौंपी गई थी। जांच में पाया गया कि कंप्यूटर में ऐसे सॉफ्टवेयर लगाए गए थे, जो परीक्षा के समय नहीं लगे होने चाहिए थे। इन सॉफ्टवेयर की मदद से परीक्षा केंद्र से कहीं दूर बैठे लोगों ने कंप्यूटर को रिमोट पर लेकर प्रश्न पत्र हासिल कर लिया और परीक्षार्थियों को सवालों को हल करने में मदद की थी। जांच में यह भी पाया गया था कि कंपनी ने प्रश्न पत्र के सेट इस तरह बनाए थे कि कुछ खास परीक्षार्थियों को एक खास क्रम में ही सवाल मिले थे।