{"_id":"57baa74a4f1c1b4d58d4f68d","slug":"srilankan-president-waited-driver-sitting-in-car","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"तिरुपति में श्रीलंकाई राष्ट्रपति को ड्राइवर ने कराया इंतजार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
तिरुपति में श्रीलंकाई राष्ट्रपति को ड्राइवर ने कराया इंतजार
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 22 Aug 2016 01:00 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : getty images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रसिद्ध तिरुमाला मंदिर में दर्शन को आए श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रिपाला शिशिरसेना को कल उस समय अजीब स्थिति का सामना करना पड़ गया जब दर्शनों के बाद उन्हें काफी देर गाड़ी में बैठकर ड्राइवर का इंतजार करना पड़ा। इसकी जानकारी मिलते ही मंदिर प्रबंधन और पुलिस के बीच हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
आनन फानन में ड्राइवर को बुलाकर मेहमान राष्ट्रपति के काफिले को रवाना किया गया। पडोसी राष्ट्रपति के साथ हुई इस बदइंतजामी के कारण मंदिर प्रबंधन को काफी शर्मिदंगी का सामना करना पड़ा। अब किरकिरी से बचने के लिए मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
विज्ञापन
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के यह सारा वाकया हुआ मंदिर का प्रबंधन संभालने वाली तिरुमाला तिरुपति देवास्थानम और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय की कमीं से।
विज्ञापन
गाड़ी छोड़कर मंदिर के दर्शनों को निकल गया था ड्राइवर
जानकारी के अनुसार श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रिपाला शिशिरसेना रविवार सुबह कर्नाटक से होते हुए अपनी पत्नी जयंति पुष्पा कुमार और बेटे धम श्रीसेना के साथ विश्व प्रसिद्ध तिरुमाला मंदिर में दर्शन करने के लिए आए थे।
यहां उनका स्वागत तिरुमाला तिरुपति देवास्थानम के अध्यक्ष सीएच कृष्णमूर्ति और टीटीडी के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर डी संबाशिवा राव और पोला भाष्कर नेकिया। मंदिर में दर्शनो के बाद देवास्थानम के अधिकारी उन्हें छोड़ने उनकी कार तक आए। लेकिन जैसे ही वे मौके पर पहुंचे उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई, राष्ट्रपति की कार का ड्राइवर अंदर मौजूद नहीं था।
ऐसे में मेहमान राष्ट्रपति की सुरक्षा पर तो सवाल खड़ा हो ही गया प्रशासन की बदइंतजामी भी सामने आ गई। इसके बाद राष्ट्रपति बिना ड्राइवर के ही कार में बैठकर उसका इंतजार करते रहे।
दूसरी ओर जोर शोर से ड्राइवर की खोजबीन शुरू हुई तो वह मंदिर के अंदर ही मिला। असल में राष्ट्रपति के पीछे पीछे वह भी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच गया था लेकिन समय पर वापस नहीं लौट सका। हालांकि मामले को ज्यादा तूल ने देते हुए राष्ट्रपति के काफिले को रवाना कर दिया गया।
यहां उनका स्वागत तिरुमाला तिरुपति देवास्थानम के अध्यक्ष सीएच कृष्णमूर्ति और टीटीडी के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर डी संबाशिवा राव और पोला भाष्कर नेकिया। मंदिर में दर्शनो के बाद देवास्थानम के अधिकारी उन्हें छोड़ने उनकी कार तक आए। लेकिन जैसे ही वे मौके पर पहुंचे उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई, राष्ट्रपति की कार का ड्राइवर अंदर मौजूद नहीं था।
ऐसे में मेहमान राष्ट्रपति की सुरक्षा पर तो सवाल खड़ा हो ही गया प्रशासन की बदइंतजामी भी सामने आ गई। इसके बाद राष्ट्रपति बिना ड्राइवर के ही कार में बैठकर उसका इंतजार करते रहे।
दूसरी ओर जोर शोर से ड्राइवर की खोजबीन शुरू हुई तो वह मंदिर के अंदर ही मिला। असल में राष्ट्रपति के पीछे पीछे वह भी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच गया था लेकिन समय पर वापस नहीं लौट सका। हालांकि मामले को ज्यादा तूल ने देते हुए राष्ट्रपति के काफिले को रवाना कर दिया गया।