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Sri Lanka Crisis: राष्ट्रपति राजपक्षे को भारत ने की भगाने में मदद? श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग के बाद विदेश मंत्रालय ने दिया यह बयान
Thu, 14 Jul 2022 08:16 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 14 Jul 2022 08:16 PM IST
सार
श्रीलंका एक अभूतपूर्व आर्थिक उथल-पुथल की चपेट में है, जो सात दशकों में सबसे खराब है। देश में लाखों लोग भोजन, दवा, ईंधन और अन्य आवश्यक चीजें खरीदने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस बीच राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने देश छोड़ दिया है। उनके देश छोड़ने में भारत की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनको भारत ने खारिज किया है।
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अरिंदम बागची
- फोटो : ANI
विस्तार
श्रीलंका में आर्थिक संकट और अराजक होती स्थिति के बीच राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने बुधवार सुबह श्रीलंका से मालदीव रवाना हो गए। उन्होंने वायु सेना के विशेष विमान से अपनी पत्नी व दो सुरक्षाकर्मियों के साथ मालदीव के लिए उड़ान भरी। इस बीच यह खबरें जोर पकड़ रही हैं कि गोतबाया राजपक्षे के श्रीलंका से भागने में भारत सरकार ने मदद की। इन खबरों का भारत ने खंडन किया है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने दिया बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हम लोकतांत्रिक तरीकों और संवैधानिक ढांचे के जरिए श्रीलंका के लोगों और उनकी आकांक्षाओं के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि आपने हमारे उच्चायोग की टिप्पणियां देखी होंगी। हमने उनके (गोटाबाया राजपक्षे) प्रस्थान या श्रीलंका से उनकी यात्रा की सुविधा प्रदान करने को लेकर स्पष्ट रूप से किसी भी भूमिका से इनकार किया है। मैं अनुमान लगाने की स्थिति में नहीं हूं कि वह कहां है। मैंने अभी मीडिया रिपोर्ट्स देखी हैं कि वह सिंगापुर में है।
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गौरतलब है कि इससे पहले श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने एक बयान जारी करके गोतबाया को लेकर मीडिया में चल रही खबरों का खंडन किया था। बयान में कहा गया है कि भारत सरकार ऐसी आधारहीन और अटकलबाजी मीडिया रिपोर्टों का स्पष्ट रूप से खंडन करती है कि भारत ने श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की यात्रा को सुविधाजनक बनाया। उच्चायोग ने कहा, यह दोहराया जाता है कि भारत श्रीलंका के लोगों का समर्थन करना जारी रखेगा।
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सिंगापुर ने गोतबाया को लेकर जारी किया बयान
वहीं, श्रीलंका से हाल ही में फरार हुए गोतबाया राजपक्षे को लेकर सिंगापुर ने बयान जारी किया है। दरअसल, सुबह ही खबर आई थी कि गोतबाया मालदीव के बाद अब सिंगापुर पहुंच गए हैं। इसके बाद ही उनके सिंगापुर में शरण लेने की अटकलें लग रही थीं। अब इस मामले में सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि राजपक्षे सिंगापुर में निजी दौरे पर आए हैं। न ही उन्होंने यहां शरण मांगी है और न ही उन्हें शरण दी गई है। सिंगापुर आमतौर पर शरण नहीं देता है।
गोतबाया के मालदीव भागने की वायु सेना ने की पुष्टि
श्रीलंका की वायु सेना ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे अपनी पत्नी के साथ मालदीव रवाना हो गया। बयान में कहा गया है कि, संविधान के प्रावधानों के तहत और सरकार के अनुरोध पर श्रीलंका की वायु सेना ने राष्ट्रपति, उनकी पत्नी और दो सुरक्षा अधिकारियों को मालदीव के लिए उड़ान भरने के लिए बुधवार तड़के एक विमान उपलब्ध कराया गया।
राष्ट्रपति को गिरफ्तारी से है छूट
दरअसल, श्रीलंका में पदस्थ राष्ट्रपति को गिरफ्तारी से छूट प्राप्त है। ऐसे में माना जा रहा है कि गोतबाया राजपक्षे इस्तीफा देने से पहले विदेश भागना चाहते थे। उन्हें डर था कि इस्तीफा देते ही गोतबाया को गिरफ्तार किया जा सकता है। बता दें, गोतबाया को बुधवार को अपना इस्तीफा देना था। इससे पहले ही वे देश से फरार हो गए। बीते दिनों उन्होंने पद छोड़ने की घोषणा की थी, जब हजारों प्रदर्शनकारियों ने उनके आधिकारिक आवास पर धावा बोल दिया था। उन्हें अभूतपूर्व आर्थिक संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया था, जिसने देश को घुटनों पर ला दिया है।