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मराठा आरक्षण: महाराष्ट्र विधानसभा में भिड़े पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और फडणवीस
Wed, 10 Mar 2021 09:18 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 10 Mar 2021 09:18 PM IST
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देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
उच्चतम न्यायालय में लंबित मराठा आरक्षण के मुद्दे पर बुधवार को महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री अशोक चव्हाण और भाजपा नेता देवेंद्र फड़णवीस के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
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पहले, मराठा आरक्षण मुद्दे पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति के अगुवा चव्हाण ने विधानसभा में एक बयान दिया और सदस्यों को सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) अधिनियम पर शीर्ष अदालत में चल रहे मामले के बारे में बताया। इस अधिनियम में मराठाओं को आरक्षण की गांरटी दी गई है।
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इस पर विधानसभा में विपक्ष के नेता फडणवीस ने चव्हाण पर सच नहीं बोलने और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं चव्हाण के विरूद्ध विशेषाधिकार उल्लंघन का नोटिस दूंगा। मंत्री को यह भी ज्ञात नहीं है कि 102 वे संविधान संशोधन से पहले एसईबीसी अधिनियम 2018 में मेरी सरकार द्वारा पारित किया गया।'
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लेकिन चव्हाण ने यह कहते हुए प्रतिवाद किया कि 2018 एसईबीसी अधिनियम पूर्णत: नया कानून है न कि एक संशोधन। उन्होंने कहा, 'मैंने आठ मार्च की सुनवाई के बारे में कोई गलत सूचना नहीं दी है।'