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कांग्रेस में दो फाड़: सिब्बल के घर G-23 गुट की बैठक, पीके के पार्टी में शामिल होने की अटकलों से कई नेता नाराज
Wed, 01 Sep 2021 08:44 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 01 Sep 2021 08:44 AM IST
सार
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वे जल्द ही कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं। लेकिन इस बीच पार्टी के कुछ ऐसे नेता भी हैं जो प्रशांत किशोर को कांग्रेस में शामिल करने के सख्त खिलाफ हैं।
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प्रशांत किशोर
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विस्तार
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वे जल्द ही कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं। लेकिन इस बीच पार्टी के कुछ ऐसे नेता भी हैं जो प्रशांत किशोर को कांग्रेस में शामिल करने के सख्त खिलाफ हैं।
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जानकारी के मुताबिक, जन्माष्टमी के दिन कपिल सिब्बल के घर पर एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में कांग्रेस के G-23 ग्रुप के नेता शामिल हुए थे। इनमें से अधिकतर नेता प्रशांत किशोर को कांग्रेस में शामिल करने के पक्ष में नहीं हैं। हो सकता है कि ये सभी नेता प्रशांत किशोर का खुलकर विरोध करें। इस ग्रुप के नेता चुनाव से जुड़े अहम फैसले लेने के लिए 'आउटसोर्सिंग' से निराश हैं। हालांकि कुछ नेता प्रशांत किशोर के समर्थन में भी दिखे।
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सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने विरोध जताते हुए कहा कि कांग्रेस 135 साल पुरानी संस्था है न कि कोई स्टार्ट-अप है जहां कोई फैंसी विचारों के साथ आए और उसे शामिल कर लिया जाए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन या आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के बिना उनकी रणनीति नहीं चल पाएगी। हमने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी प्रभावशीलता देखी है जब उन्होंने कांग्रेस-सपा गठबंधन के लिए काम किया था। उन्होंने आगे कहा कि प्रशांत किशोर को पार्टी में शामिल करने के किसी भी प्रस्ताव पर कांग्रेस वर्किंग ग्रुप की बैठक में चर्चा की जानी चाहिए।
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सूत्रों के अनुसार सोमवार को G-23 नेताओं ने कपिल सिब्बल के घर पर बैठक की और प्रशांत किशोर को महासचिव पद पर नियुक्त करने के पार्टी के फैसले को लेकर चर्चा हुई। इस बैठक में कपिल सिब्बल के अलावा गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, शशि थरूर, मनीष तिवारी, भूपिंदर सिंह हुड्डा समेत कई नेता मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी और अंबिका सोनी को प्रशांत किशोर पर पार्टी नेताओं के विचारों के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।