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रक्षक बना भक्षक: बाप ने बेटी के साथ किया दुष्कर्म, अदालत ने आरोपी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

Fri, 14 Jul 2023 05:43 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 14 Jul 2023 05:43 PM IST
सार

मुंबई की एक विशेष अदालत ने आठ वर्षीय बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसके कृत्य पर अदालत ने टिप्पणी की कि आरोपी पिता ने मानवता से विश्वासघात किया।

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special Court sentences man to imprisonment for life for misdeed with daughter
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुंबई की एक विशेष अदालत ने आठ वर्षीय बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसके कृत्य पर अदालत ने टिप्पणी की कि उसने मानवता से विश्वासघात किया। विशेष न्यायाधीश नाजेरा शेख ने बुधवार को व्यक्ति को आईपीसी और पॉक्सो अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत किए गए अपराध का दोषी ठहराया।

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शुक्रवार को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण पॉक्सो अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यह आरोपी पिता का रक्षक से भक्षक बनने का मामला है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि लगभग हर संस्कृति में पिता की भूमिका मुख्य रूप से एक संरक्षक, प्रदाता और अनुशासक की होती है। 
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विशेष न्यायाधीश ने कहा कि एक लड़की के वयस्क होने की यात्रा में पिता-बेटी का रिश्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पिता एक लड़की के जीवन में पहला व्यक्ति होता है जिसे वह करीब से जानती है। उन्होंने कहा कि पिता एक लड़की के जीवन में अन्य सभी पुरुषों के लिए मानक तय करता है और आरोपी का कृत्य मानवता के साथ विश्वासघात है। अदालत ने कहा कि उसका कृत्य गंभीर और दुर्लभ है इसलिए उसे पॉक्सो अधिनियम के प्रावधान के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पीड़िता की मां ने अक्तूबर 2020 में शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। घटना वाले दिन पीड़िता की मां बाहर गई थी, घर लौटने पर उसने बच्ची की चीख सुनी और देखा कि उसका पति बच्ची के साथ गलत काम कर रहा है। उसने आरोपी को दूर धकेला और पीड़िता को बचाया। चीख पुकार सुन पड़ोसी इकट्ठा हो गए और आरोपी की पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद फिर मां ने शिकायत दर्ज कराई और पुलिस आरोपी को ले गई। अदालत ने पीड़िता, उसकी मां और मामले के जांच अधिकारियों की गवाही पर भरोसा किया और मेडिकल सबूतों के आधार पर सजा का एलान किया।

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