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Kerala: प्रोफेसर टीजे जोसेफ पर हमले मामले में नया मोड़, अदालत ने एनआईए को PFI संदिग्धों की जांच की मंजूरी दी

Sun, 23 Nov 2025 03:31 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि Published by: शुभम कुमार Updated Sun, 23 Nov 2025 03:31 PM IST
सार

केरल की विशेष अदालत ने एनआईए को 2010 में प्रोफेसर टीजे जोसेफ के हाथ काटने के मामले में आगे की जांच की मंजूरी दी। मुख्य आरोपी सवाद को जनवरी 2024 में मट्टनूर से गिरफ्तार किया गया। अब एजेंसी और सबूत जुटाकर अन्य आरोपी भी ढूंढेगी।

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Special Court permits NIA to probe into PFI men in Kerala palm chopping case
कोर्ट का फैसला

विस्तार

केरल की  एक विशेष अदालत ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को प्रोफेसर टीजे जोसेफ के हाथ काटने के मामले में और जांच करने की अनुमति दे दी है। यह मामला जुलाई 2010 का है। जब न्यूमैन कॉलेज थोडुपुझा में पढ़ाते समय प्रोफेसर जोसेफ पर कुछ लोगों ने उनके धार्मिक दृष्टिकोण पर सवाल उठाने वाले प्रश्नपत्र के कारण हमला कर उनके दाहिने हाथ की हथेली काट दी थी। इस मामले की जांच बाद में एनआईए ने संभाली थी और इसमें 19 लोगों को दोषी ठहराया गया।

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प्रोफोसर का हाथ काटने वाले मुख्य आरोपी सवाद को जनवरी 2024 में केरला के मट्टनूर के बेरेम से गिरफ्तार किया गया। वह शाजहान नाम से छिपा हुआ था। एनआईए ने शफीयर सी को भी गिरफ्तार किया, जिसने कथित तौर पर सवाद को चक्कड़ और मट्टनूर में 2020 से छिपाने और अन्य मदद देने का काम किया।
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एनआईए की पूछताछ में सवाद ने क्या बताया?
एनआईए की पूछताछ में सवाद ने बताया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्य और नेता उसे तमिलनाडु के पांड्रिमलाई और बाद में केरला के मट्टनूर में ठिकाना और नौकरी दिलाने में मदद कर रहे थे।

एनआईए ने बताया जांच क्यों जरूरी है?
एनआईए ने अदालत से कहा कि और जांच जरूरी है ताकि वैज्ञानिक सबूत जुटाए जा सकें और अन्य लोगों की भूमिका का पता चल सके। अदालत ने एनआईए की याचिका मंजूर कर दी।अदालत ने आदेश में कहा कि रिपोर्ट के अनुसार, इस अपराध में और सबूत जुटाना और अन्य संदिग्धों की भूमिका का पता लगाना जरूरी है। सुनवाई के बाद, अदालत इस याचिका को मंजूर करती है।

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